UGC कानून का विरोध: गाजियाबाद जा रहे भाकियू महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धर्मेंद्र सिंह पुलिस द्वारा हिरासत में, जताया भारी रोष

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बुलंदशहर/गाजियाबाद:​विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के विवादित नियमों को रोलबैक कराने की मांग को लेकर गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित सम्राट पृथ्वीराज सिंह चौहान मैदान में आयोजित महापंचायत में शामिल होने जा रहे किसान नेता और समर्थकों पर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है।

रिपोर्ट दीपक चौहान

​भारतीय किसान यूनियन (महाशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धर्मेंद्र सिंह को बुलंदशहर बाईपास (निकट रमपुरा) पर भारी पुलिस बल ने जबरन रोक लिया। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में किसान नेताओं ने जमकर नारेबाजी की और इसे शासन की तानाशाही करार दिया।​”पुलिस के दम पर जनता की आवाज दबाना चाहती है सरकार”​ठाकुर धर्मेंद्र सिंह के साथ मौजूद वरिष्ठ नेता रविंद्र गोयल, भानु प्रताप सिंह और पंकज शर्मा ने पुलिस कार्रवाई पर तीखा प्रहार करते हुए कहा:​”पुलिस की यह तानाशाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

केंद्र सरकार ने समाज को बांटने का जो जहर घोला है, उस समाज विरोधी कानून को लागू नहीं होने दिया जाएगा। जब-जब सरकार डरती है, पुलिस को आगे करती है।”​करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत का समर्थन​हिरासत में लिए जाने के दौरान भाकियू महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धर्मेंद्र सिंह ने समाज के सभी वर्गों से एकजुट होने की अपील की।

उन्होंने कहा:​राज शेखावत के संघर्ष का समर्थन: “करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भाई राज शेखावत जी गुजरात की पावन धरती से आकर गाजियाबाद के मैदान में समाज को एकजुट करने और इस यूजीसी कानून को खत्म कराने का संघर्ष कर रहे हैं। हम सभी का फर्ज है कि एकजुट होकर उनका साथ दें।”

​महिलाओं की भागीदारी की अपील:

“राजस्थान की तर्ज पर अब हमारे समाज के सभी सरदारों को अपनी माता-बहनों को भी इस हक की लड़ाई के लिए आगे लाना होगा।”​कई प्रमुख नेता घर में नजरबंद, दर्जनों समर्थक रास्ते में रोके गए​प्रशासनिक मुस्तैदी का आलम यह रहा कि महापंचायत से एक दिन पूर्व ही संगठन से जुड़े कई प्रमुख पदाधिकारियों को घर में ही हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर दिया गया।

​हाउस अरेस्ट नेता: जिलाध्यक्ष चौधरी जितेंद्र सरोही, दीपक गुप्ता (कल से ही नजरबंद)।​मौके पर मौजूद प्रमुख चेहरे: यशपाल सिंह खटीक, चौधरी बिक्रम सिंह, चौधरी चंद्रबीर सिंह, याकूब भाई, विष्णु दत्त त्यागी, बंटी सिंह लोधी, राज सिंह राजौरा, पवनेश मीना, पिंटू राघव, और सुखपाल मीना सहित दर्जनों कार्यकर्ता व समर्थक उपस्थित रहे।

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