संविदा डॉक्टर का नियम विरुद्ध संबद्धीकरण रद्द: एडी हेल्थ के औचक निरीक्षण के बाद मचा हड़कंप
मिर्जापुर: मिर्जापुर जिले के स्वास्थ्य विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अपर निदेशक (एडी) स्वास्थ्य ने भैरव नेत्र चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संविदा पर तैनात एक डॉक्टर की नियम विरुद्ध तरीके से की गई संबद्धीकरण (अटैचमेंट) का मामला सामने आने पर एडी स्वास्थ्य सख्त नजर आए। उन्होंने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और संबंधित डॉक्टर को तत्काल उनके मूल तैनाती स्थल पर वापस भेजने का सख्त आदेश दिया।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) या विभाग के अंतर्गत संविदा पर तैनात एक चिकित्सक को उनके आवंटित मूल स्वास्थ्य केंद्र (जैसे CHC/PHC) के बजाय मिर्जापुर शहर स्थित भैरव नेत्र चिकित्सालय में संबद्ध (अटैच) कर दिया गया था। शासन और स्वास्थ्य विभाग के स्पष्ट निर्देश हैं कि संविदा कर्मियों और डॉक्टरों का बिना उच्च अधिकारियों की अनुमति के मनमाने ढंग से ट्रांसफर या अटैचमेंट नहीं किया जा सकता, ताकि ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित न हो।
जब एडी हेल्थ स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लेने भैरव नेत्र चिकित्सालय पहुंचे, तो फाइलों और उपस्थिति पंजिका की जांच के दौरान उन्हें इस नियम विरुद्ध संबद्धीकरण की जानकारी मिली।
एडी ने दिए सख्त निर्देश
स्थल पर ही अनियमितता पाए जाने पर एडी स्वास्थ्य ने कड़ा रुख अपनाया:
- तत्काल कार्यमुक्त करने का आदेश: डॉक्टर का अटैचमेंट तुरंत समाप्त करते हुए उन्हें 24 घंटे के भीतर अपने मूल तैनाती स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया गया।
- जवाबदेही तय: बिना सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के डॉक्टर को संबद्ध करने वाले स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों व बाबुओं से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए गए हैं।
- स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही न बरतने की हिदायत: एडी ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की उपस्थिति से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शहरों में गैर-कानूनी अटैचमेंट का खेल बर्दाश्त नहीं होगा।
विभाग में खलबली
एडी स्वास्थ्य के इस कड़े रुख के बाद मिर्जापुर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। चर्चा है कि जिले के अन्य अस्पतालों में भी कई ऐसे संविदाकर्मी व डॉक्टर हैं जो अपनी सुविधा के अनुसार मुख्य चिकित्सालयों में अटैच होकर सेवाएं दे रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद अन्य स्थानों पर भी ऐसे ही मनमाने अटैचमेंट को रद्द किए जाने की संभावना जताई जा रही है।








