युवाओं ने पेश की मिसाल: प्राचीन दुर्गा माता मंदिर कुंड की बदली सूरत, मुकेश पटेल के ‘युवा स्वच्छता मिशन’ ने उठाया बीड़ा

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रामनगर/

:धार्मिक स्थलों की पवित्रता और स्वच्छता को बनाए रखने के संकल्प के साथ ‘युवा स्वच्छता मिशन’ के कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर समाज के सामने एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। संगठन के संस्थापक मुकेश पटेल के नेतृत्व में युवाओं की टोली ने रामनगर स्थित प्राचीन दुर्गा माता मंदिर के सामने बने ऐतिहासिक कुंड की साफ-सफाई के लिए एक विशेष अभियान चलाया। इस सराहनीय प्रयास से न केवल मंदिर परिसर की सूरत बदली, बल्कि स्थानीय लोगों में भी स्वच्छता के प्रति एक नया जुनून देखने को मिला।

सरकारी प्रयासों के भरोसे नहीं, जन भागीदारी से बदलेगा देश​

अभियान के दौरान ग्रामीणों को जागरूक करते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकार या प्रशासन के भरोसे संभव नहीं है। जब तक देश का प्रत्येक नागरिक इसमें अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेगा, तब तक संपूर्ण स्वच्छता का सपना अधूरा है। कार्यक्रम में लोगों को कचरे के उचित निस्तारण, सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने और स्वच्छ वातावरण के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

​युवाओं की टीम ने बहाया पसीना, प्रधान प्रतिनिधि ने भी बढ़ाया हौसला

प्राचीन कुंड की सफाई के इस पावन कार्य में ‘युवा स्वच्छता मिशन’ के सदस्य पूरी ऊर्जा के साथ जुटे रहे।

इस अभियान को गति देने में मुख्य रूप से शामिल रहे:​अरविंद पटेल, करण पटेल, राजेश पटेल, विशाल पटेल, राहुल पटेल​सुनील पटेल, विकास पटेल, चंदन पटेल, विजय पटेल​ मोहित पटेल, गोलू पटेल, बाबू पटेल और शिवम मौर्या

​इस दौरान भोजपुर रतनपुर के प्रधान प्रतिनिधि ओम प्रकाश भी विशेष रूप से इस अभियान से जुड़े। युवाओं के इस जज्बे को देखकर उन्होंने उनकी पीठ थपथपाई और कहा कि युवाओं का यह जुनून ही समाज में असली बदलाव लेकर आएगा।

सभी हिंदू धार्मिक स्थलों को स्वच्छ बनाने का है संकल्प​’युवा स्वच्छता मिशन’ के सदस्यों का कहना है कि यह अभियान केवल एक दिन या एक स्थान तक सीमित नहीं है। संगठन ने एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य सभी प्राचीन और हिंदू धार्मिक स्थलों को स्वच्छ, सुंदर और जीवंत बनाना है। युवाओं का यह संगठन लगातार प्रयासरत है कि जहां भी हमारी आस्था के केंद्र हैं, वहां गंदगी का नामोनिशान न रहे और आने वाले श्रद्धालु एक पवित्र वातावरण का अनुभव कर सकें।​”हमारा प्रयास है कि समाज का हर युवा अपनी प्राचीन धरोहरों और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता के प्रति जागरूक हो। रामनगर से शुरू हुआ यह कारवां अब रुकने वाला नहीं है।”

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