मिर्जापुर: मंडलीय चिकित्सालय के एसएनसीयू वार्ड में दो नई अत्याधुनिक मशीनों का उद्घाटन
मिर्जापुर। मंडलीय चिकित्सालय के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में नवजात शिशुओं के बेहतर इलाज के लिए दो नई अत्याधुनिक मशीनों का मंगलवार को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा विधिवत उद्घाटन किया गया। इन नई मशीनों के लग जाने से गंभीर स्थिति में भर्ती होने वाले नवजात शिशुओं को अब और अधिक सटीक व त्वरित इलाज मिल सकेगा।
उद्घाटन समारोह के दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने फीता काटकर मशीनों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एसएनसीयू वार्ड में आने वाले क्रिटिकल नवजात बच्चों की देखभाल में ये मशीनें मील का पत्थर साबित होंगी। पहले जिन जटिल मामलों में बच्चों को उच्च स्वास्थ्य केंद्रों (वाराणसी या प्रयागराज) रेफर करना पड़ता था, अब उनका इलाज यहीं संभव हो सकेगा।
चिकित्सालय प्रशासन और एसएनसीयू के प्रभारी डॉक्टरों ने बताया कि यह सुविधा मिलने से क्षेत्र के गरीब व जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। कार्यक्रम में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक (CMS), एसएनसीयू वार्ड के बाल रोग विशेषज्ञ, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
मिर्जापुर: मंडलीय चिकित्सालय के एसएनसीयू वार्ड में दो नई अत्याधुनिक मशीनों का उद्घाटन
मिर्जापुर। मंडलीय चिकित्सालय के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में नवजात शिशुओं के बेहतर इलाज के लिए दो नई अत्याधुनिक मशीनों का मंगलवार को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा विधिवत उद्घाटन किया गया। इन नई मशीनों के लग जाने से गंभीर स्थिति में भर्ती होने वाले नवजात शिशुओं को अब और अधिक सटीक व त्वरित इलाज मिल सकेगा।
उद्घाटन समारोह के दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने फीता काटकर मशीनों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एसएनसीयू वार्ड में आने वाले क्रिटिकल नवजात बच्चों की देखभाल में ये मशीनें मील का पत्थर साबित होंगी। पहले जिन जटिल मामलों में बच्चों को उच्च स्वास्थ्य केंद्रों (वाराणसी या प्रयागराज) रेफर करना पड़ता था, अब उनका इलाज यहीं संभव हो सकेगा।
चिकित्सालय प्रशासन और एसएनसीयू के प्रभारी डॉक्टरों ने बताया कि यह सुविधा मिलने से क्षेत्र के गरीब व जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। कार्यक्रम में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक (CMS), एसएनसीयू वार्ड के बाल रोग विशेषज्ञ, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।