“फोटो असली बताने का दावा पड़ा दिलीप पटेल पर भारी! INDIASAMACHAR24X7 की पड़ताल में AI फोटो का खुलासा?”

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“AI फोटो पर आर-पार! दिलीप पटेल के 50 हजार के चैलेंज के बाद INDIASAMACHAR24X7.IN की पड़ताल से मचा घमासान”

पड़ाव/चंदौली

चुनावी दावा या AI का खेल? दिलीप पटेल की योगी के साथ वायरल तस्वीर पर उठे सवाल

चंदौली। मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र के भोजपुर गांव निवासी एवं नियमताबाद ब्लॉक क्षेत्र से जुड़े दिलीप पटेल इन दिनों सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर को लेकर चर्चा में हैं। कुछ दिन पूर्व उन्होंने सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपनी तस्वीर पोस्ट करते हुए इसे वास्तविक बताया। वहीं, तस्वीर की सत्यता को लेकर सवाल उठने के बाद इंडिया समाचार 24×7 की ओर से तस्वीर की पड़ताल की गई।

पहले प्रधान पद के प्रत्याशी, अब जिला पंचायत चुनाव का दावा

जानकारी के मुताबिक, दिलीप पटेल कुछ महीने पहले भोजपुर गांव में प्रधान पद के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में थे। अब सोशल मीडिया पर उनके द्वारा जिला पंचायत प्रत्याशी, सेक्टर नंबर-2 से होने का दावा किया जा रहा है।

इसी बीच योगी आदित्यनाथ के साथ उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद तस्वीर की वास्तविकता को लेकर बहस शुरू हो गई।

दिलीप पटेल ने खुद दिया फोटो को असली साबित करने का चैलेंज

मामला तब और दिलचस्प हो गया जब दिलीप पटेल ने सोशल मीडिया पर कमेंट करते हुए AI के जरिए तस्वीर को दोबारा बनाने की चुनौती दी। उन्होंने AI से तस्वीर बनाकर दिखाने की बात कही और इसे असली साबित करने पर 50 हजार रुपये के इनाम की बात भी कही।

नोट: प्रधान संपादक की फोटो a.i द्वारा बनाई गयी है मुख्यमंत्री योगी के साथ ताकि ये साबित हो सके कि दिलीप पटेल की फोटो हकीकत नहीं है

इसके जवाब में इंडिया समाचार 24×7 के प्रधान संपादक शुभम मौर्य ने भी सार्वजनिक रूप से दावा किया कि तस्वीर AI-generated है और इसे लेकर उन्होंने तस्वीर की जांच के आधार पर सवाल खड़े किए।

पड़ताल में तस्वीर पर क्यों उठे सवाल?

वायरल तस्वीर में दिलीप पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक ही कमरे में साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, तस्वीर के चेहरे, शरीर की बनावट, प्रकाश, कपड़ों की डिटेल और दोनों व्यक्तियों के फोटो में दिखाई देने वाले अनुपात जैसे कई पहलुओं को लेकर AI-generated image होने की आशंका जताई गई है।इसी आधार पर तस्वीर को लेकर AI फोटो होने का दावा सामने आया है। हालांकि, किसी तस्वीर को शत-प्रतिशत AI-generated घोषित करने के लिए डिजिटल फॉरेंसिक जांच अथवा मूल फोटो/कैमरा फाइल की स्वतंत्र पुष्टि सबसे मजबूत प्रमाण होगी।

सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाया विवाद

दिलीप पटेल की ओर से पोस्ट की गई तस्वीर और उसके नीचे हुई कमेंटबाजी ने पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया है। एक तरफ तस्वीर को वास्तविक बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसे AI से बनाई गई तस्वीर बताया जा रहा है।

इंडिया समाचार 24×7 का सवाल सीधा है—अगर तस्वीर वास्तविक है तो उसका मूल स्रोत, मूल फोटो या उस मुलाकात का स्वतंत्र प्रमाण सामने क्यों नहीं रखा जाता? और यदि तस्वीर AI से बनाई गई है तो इसे वास्तविक बताकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की जरूरत क्यों पड़ी?

50 हजार रुपये का चैलेंज बना चर्चा का विषय

दिलीप पटेल द्वारा AI से तस्वीर बनाकर दिखाने और 50 हजार रुपये के इनाम की बात किए जाने के बाद मामला सिर्फ एक वायरल फोटो तक सीमित नहीं रहा। अब यह सोशल मीडिया पर AI तकनीक के इस्तेमाल और वास्तविक तस्वीर के बीच अंतर पहचानने की बहस में बदल गया है।

इंडिया समाचार 24×7 की पड़ताल में वायरल तस्वीर के AI-generated होने की आशंका को प्रमुखता से उठाया गया है। अंतिम सत्य की पुष्टि के लिए मूल फोटो, मेटाडाटा अथवा स्वतंत्र डिजिटल फॉरेंसिक जांच निर्णायक होगी।

नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध सोशल मीडिया पोस्ट, वायरल तस्वीर और उसके आधार पर की गई प्रारंभिक पड़ताल पर आधारित है। तस्वीर को लेकर अंतिम निष्कर्ष के लिए तकनीकी/डिजिटल फॉरेंसिक सत्यापन आवश्यक है।

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