छतारी में ‘मिट्टी माफिया’ का राज: अंधेरा होते ही खाकी की नाक के नीचे शुरू होता है पीला पंजा!

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कागजों में ईंट भट्टे की परमिशन, लेकिन असलियत में सड़कों और प्लॉटों पर अवैध भराव

रिपोर्ट दीपक चौहान

बुलंदशहर: जनपद के थाना छतारी क्षेत्र में इन दिनों कानून का खौफ नहीं, बल्कि खनन माफियाओं का ‘रसूख’ बोल रहा है। सूरज ढलते ही यहाँ के रास्तों पर डंपरों की गूंज सुनाई देने लगती है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इसकी आवाज एसी कमरों में सो रहे जिम्मेदार अधिकारियों के कानों तक नहीं पहुँचती।​

अधिकारियों का ‘मौन’ या ‘सहमति’?

कस्बा छतारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें नगर पंचायत की सड़क पर अवैध मिट्टी का भराव सीना ठोक कर किया जा रहा है। खेल का तरीका भी पुराना है—परमिशन ईंट भट्टे की ली जाती है और मिट्टी को महंगे दामों पर प्लॉटों, कॉलोनियों और सरकारी सड़कों में खपाया जाता है। जनता पूछ रही है कि क्या विभाग की यह चुप्पी ‘अंधेरी कमाई’ में हिस्सेदारी का संकेत है?

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