न्याय के लिए 900 किमी का सफर क्यों? भाकियू महाशक्ति अध्यक्ष ने हाई कोर्ट बेंच की जरूरत पर उठाए सवाल।

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच की मांग ने पकड़ा तूल, भाकियू महाशक्ति का वकीलों को खुला समर्थन

( रिपोर्ट दीपक चौहान)

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच की स्थापना की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। लंबे समय से आंदोलन कर रहे वकीलों को अब किसानों का बड़ा साथ मिला है। भारतीय किसान यूनियन (महाशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धर्मेंद्र सिंह ने इस मुद्दे पर हुंकार भरते हुए स्पष्ट किया है कि यह केवल वकीलों की नहीं, बल्कि लाखों किसानों और आम जनता के हक की लड़ाई है।

मुख्य बिंदु: किसान क्यों कर रहे हैं मांग?

ठाकुर धर्मेंद्र सिंह ने वकीलों के समर्थन में आते हुए पश्चिमी यूपी के किसानों की पीड़ा साझा की। उन्होंने कहा:

* दूरी की मार: सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली और मेरठ जैसे जिलों के किसानों को न्याय पाने के लिए लगभग 900 किलोमीटर दूर प्रयागराज (इलाहाबाद) जाना पड़ता है।

* समय की बर्बादी: एक बार की पेशी के लिए किसान के कम से कम 3 से 4 दिन बर्बाद हो जाते हैं, जिससे खेती-किसानी का काम प्रभावित होता है।

* आर्थिक बोझ: इतनी लंबी यात्रा, ठहरने का खर्च और भागदौड़ के कारण गरीब किसान पर भारी आर्थिक दबाव पड़ता है।

बयान का मुख्य अंश:> “न्याय आम आदमी के दरवाजे पर होना चाहिए, न कि उससे सैकड़ों मील दूर। जब किसान को इंसाफ के लिए हफ्तों का सफर तय करना पड़े, तो वह न्याय नहीं सजा बन जाता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच का बनना अब समय की मांग नहीं, बल्कि जरूरत है।

“> — ठाकुर धर्मेंद्र सिंह (राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाकियू महाशक्ति)> निष्कर्ष:भाकियू महाशक्ति के इस रुख से साफ़ है कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन और उग्र हो सकता है।

अब देखना यह होगा कि सरकार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों की इस पुरानी मांग पर क्या रुख अपनाती है

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