मिर्जापुर: सेवा संकल्प अभियान के तहत बाल विकास विभाग ने लगाया स्टाल, कुपोषण से मुक्ति और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी

मिर्जापुर। जिला प्रशासन और शासन के निर्देशों के क्रम में सिटी विकास खंड परिसर में आयोजित सेवा संकल्प अभियान के दौरान बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा एक भव्य विभागीय स्टाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं, गर्भवती धात्री माताओं तथा बच्चों को कुपोषण से बचाना और विभाग द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ जनता तक पहुंचाना रहा।
स्टाल पर दी गई प्रमुख जानकारियां व सुविधाएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्य सेविका और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्टाल पर आने वाले ग्रामीणों को विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से समझाया:
- पोषण आहार और स्वास्थ्य परामर्श: गर्भवती और धात्री माताओं को गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार लेने, आयरन की गोलियों के सेवन और बच्चों के टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
- अन्नप्राशन व गोदभराई की रस्म: अभियान के तहत चिह्नित गर्भवती माताओं की गोदभराई और 6 माह पूर्ण कर चुके बच्चों को ऊपरी आहार देने के लिए अन्नप्राशन का संस्कार संपन्न कराया गया।
- टेक होम राशन (THR) व पोषाहार वितरण: पात्र लाभार्थियों को सूखा राशन व दलिया, तेल, दाल जैसी पौष्टिक सामग्रियों के सही उपयोग की विधि बताई गई।
- टीकाकरण व ग्रोथ मॉनिटरिंग: बच्चों के वजन और लंबाई की माप कर उनके स्वास्थ्य सूचकांक (मैम/सैम श्रेणी) की जांच की गई ताकि अति कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) संदर्भित किया जा सके।
अधिकारियों ने दिया जागरूकता पर जोर
बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) और संबंधित अधिकारियों की देखरेख में आयोजित इस स्टाल का निरीक्षण वरिष्ठ अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। अधिकारियों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “सेवा संकल्प अभियान का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को पहुंचाना है।”
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों और महिलाओं को कुपोषण मुक्त समाज बनाने का संकल्प दिलाया गया और स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी पम्फलेट व सामग्री वितरित की गई।









