मिर्जापुर: जिले के प्रमुख और व्यस्ततम चौराहों में शुमार रमई पट्टी चौराहे पर इन दिनों आम जनता को भीषण जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और राहगीरों का आरोप है कि इस भारी अव्यवस्था की मुख्य वजह ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों की घोर लापरवाही और अकर्मण्यता है।
तस्वीर यह है कि चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं और एम्बुलेंस से लेकर स्कूली बसें तक जाम में फंसी नजर आती हैं। वहीं, दूसरी ओर यातायात व्यवस्था सुचारू करने के लिए तैनात किए गए सिपाही अपनी जिम्मेदारी से बेखबर होकर किनारे खड़े-खड़े मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं।
मोबाइल में गुम ड्यूटी, सड़कों पर थमा पहिया रमई पट्टी चौराहा शहर का एक ऐसा केंद्र बिंदु है, जहां से चौबीसों घंटे छोटे-बड़े वाहनों का भारी दबाव गुजरता है। नियमतः यहाँ तैनात पुलिसकर्मियों को मुस्तैदी से ट्रैफिक सिग्नल और गाड़ियों की आवाजाही को नियंत्रित करना चाहिए। परंतु, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चौराहे पर तैनात सिपाही अक्सर फोन पर सोशल मीडिया खंगालते या गेम खेलते नजर आते हैं। पुलिसकर्मियों का ध्यान सड़क की अव्यवस्था पर न होकर सिर्फ अपने फोन की स्क्रीन पर टिका रहता है।
आम जनता और व्यापारियों में आक्रोश जाम की इस दैनिक समस्या से स्थानीय व्यापारी और दैनिक यात्री बेहद परेशान हैं।
- समय की बर्बादी: 5 मिनट का रास्ता पार करने में लोगों को आधे घंटे से अधिक का समय लग रहा है।
- इमरजेंसी सेवाओं पर असर: अक्सर मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंस भी इस ट्रैफिक जाम में फंस जाती है, जिससे जान का जोखिम बना रहता है।
- व्यापार प्रभावित: चौराहे के आसपास के दुकानदारों का कहना है कि लगातार जाम रहने से ग्राहक उनकी दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप की मांग स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक (SP) मिर्जापुर से इस मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि रमई पट्टी चौराहे पर तैनात लापरवाह पुलिसकर्मियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए और चौराहे पर स्थायी व सक्रिय ट्रैफिक पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि जनता को इस रोज-रोज के मानसिक और शारीरिक कष्ट से राहत मिल सके।











