खूनी गड्ढों और जलजमाव से दहला वाराणसी: चितईपुर बाईपास पर उतरी आक्रोशित जनता, रोका आवागमन!
रिपोर्ट अजित शर्मा
डेथ ट्रैप बना चितईपुर-अखरी बाईपास: खूनी गड्ढों और जलजमाव के खिलाफ सड़कों पर फूटा जनता का बारूद, वाराणसी में ‘चक्का जाम’!वाराणसी। शिव की नगरी काशी का चितईपुर-अखरी बाईपास इन दिनों आम जनता के लिए किसी ‘डेथ ट्रैप’ (मौत के कुएं) से कम साबित नहीं हो रहा है। लगातार होते भीषण हादसों और प्रशासनिक संवेदनहीनता से तंग आकर आखिरकार स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का सब्र का बांध टूट गया। नारकीय जीवन जीने को मजबूर आक्रोशित जनता ने सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया और मुख्य मार्ग को पूरी तरह से ‘चक्का जाम’ कर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया।
खूनी गड्ढे और जानलेवा जलजमावइलाके में जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह से दम तोड़ चुकी है। मामूली सी बारिश के बाद ही पूरी सड़क एक गहरे और खतरनाक तालाब का रूप ले लेती है।छिपे हुए काल: पानी से लबालब भरी सड़कों के नीचे गहरे-गहरे गड्ढे ‘अदृश्य काल’ बनकर बाइक सवारों और राहगीरों का इंतज़ार कर रहे हैं।
रोज़ाना बह रहा खून: आए दिन अनगिनत वाहन चालक इन गड्ढों में गिरकर लहूलुहान हो रहे हैं और गाड़ियां दुर्घटनाग्रस्त होकर क्षतिग्रस्त हो रही हैं।
खोखले दावों की खुली पोल, भड़का जन-आक्रोशस्थानीय दुकानदारों और निवासियों का आरोप है कि नगर निगम और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह आंखें मूंदे बैठे हैं।
महीनों से कागजी आश्वासनों का झुनझुना थमाया जा रहा है, जबकि धरातल पर स्थितियां लगातार भयावह होती जा रही हैं।इसी प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ गोलबंद होकर लोगों ने सड़क के दोनों तरफ भीषण नाकेबंदी कर दी और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।जनता की सीधी चेतावनी: “अब कोई खोखला आश्वासन स्वीकार नहीं होगा! जब तक सड़कों की मरम्मत और जल निकासी का स्थाई, पुख्ता समाधान नहीं होता, संघर्ष यूं ही जारी रहेगा।”











