बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर: नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर प्रशांत किशोर का तंज, बोले- ‘अब राह आसान नहीं’

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पटना: बिहार की सियासत इन दिनों बड़े बदलावों की गवाह बन रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच ‘जन सुराज’ के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने उन पर तीखा हमला बोला है। प्रशांत किशोर ने तंज कसते हुए कहा कि वह काफी समय से इस बदलाव की भविष्यवाणी कर रहे थे और अब उनकी बात सच साबित हो रही है।

“शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं हैं नीतीश”

नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और राज्यसभा जाने के फैसले पर पीके ने सवाल उठाते हुए कहा, “जब कोई व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह सक्रिय नहीं है, तो वह मुख्यमंत्री जैसे चुनौतीपूर्ण पद की जिम्मेदारी कब तक संभाल पाएगा?” उन्होंने आगे जोड़ा कि नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना अब महज एक औपचारिकता लग रही है, क्योंकि जमीनी स्तर पर स्थितियां बदल चुकी हैं।

‘समृद्धि यात्रा’ को बताया हास्यास्पद

प्रशांत किशोर ने नीतीश सरकार द्वारा निकाली जा रही ‘समृद्धि यात्रा’ पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा:

  • बिहार देश का सबसे पिछड़ा और गरीब राज्य है।
  • यहाँ 60% आबादी की दैनिक आय 100 रुपये से भी कम है।
  • लगभग एक करोड़ लोग रोजी-रोटी के लिए पलायन कर चुके हैं।

पीके ने कहा कि ऐसे हालात में ‘समृद्धि’ की बात करना राज्य की जनता के साथ मजाक है।


निशांत कुमार को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी!

राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि नीतीश कुमार के बाद बिहार का अगला चेहरा कौन होगा? हाल ही में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने और जेडीयू (JDU) में शामिल होने के बाद अटकलें तेज हैं कि उन्हें कोई बड़ी संवैधानिक या सांगठनिक जिम्मेदारी दी जा सकती है।

बिहार दिवस पर सीएम का संदेश

दूसरी ओर, बिहार दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बिहार के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए संकल्पित है। नीतीश कुमार ने जनता से एकजुट होकर बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आह्वान किया।


संपादकीय टिप्पणी: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए (NDA) की प्रचंड जीत के बाद नीतीश कुमार ने कमान संभाली थी, लेकिन अब उनके केंद्र की राजनीति (राज्यसभा) में जाने की खबरों ने नए समीकरणों को जन्म दे दिया है। देखना दिलचस्प होगा कि बिहार की सत्ता की चाबी अब किसके हाथ में जाती है।

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