दीपक चौहान की रिपोर्ट।
बुलंदशहर (पहासू)। 23 मार्च 1931 का वह काला दिन भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से अंकित है, जब भारत माता के वीर सपूत भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था। इसी वीरता और बलिदान की स्मृति में आज पहासू ब्लॉक परिसर स्थित शहीद स्मारक पर एक भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सनातन रक्षा वाहिनी की पहल सनातन रक्षा वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रिंस जादौन के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और युवाओं ने भारी संख्या में शिरकत की। उपस्थित जनसमूह ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर अमर शहीदों को नमन किया और उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति देशभक्ति के इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से कमलेश शर्मा, पंकेश शर्मा, रिंकू शर्मा, शेलू शर्मा, सूरज पुंडीर, अभिषेक आज़ाद, अरुण, जयंत, माधव, जतिन, मीत कौशिक और आदित्य सहित कई पितातुल्य बुजुर्ग एवं जोश से भरे युवा साथी मौजूद रहे।
वक्ताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। कार्यक्रम के दौरान ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
बुलंदशहर से indiasamachar24x7 के लिए दीपक चौहान की रिपोर्ट।










