वाराणसी के लहुराबीर स्थित आजाद पार्क में सोमवार को एक श्रद्धांजलि आयोजित की गई, जहाँ 2022 में हुई अंकिता भंडारी की मृत्यु में न्याय और दोषियों को फाँसी की सजा दिलाने की मांग की गई।
रिपोर्ट पवन जायसवाल
इस कार्यक्रम का आयोजन कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे और पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया।कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि देते हुए न्याय दो फाँसी दो के नारे लगाए और उनकी स्मृति में दो मिनट का मौन रखा। उन्होंने मांग की कि मामले की CBI द्वारा त्वरित और निष्पक्ष जांच की जाए।हालाँकि, चेतगंज पुलिस ने इस आयोजन को लेकर सख़्त रुख अपनाते हुए कहा कि आयोजकों के पास पर्याप्त अनुमति नहीं थी। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस संबंध में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।इस बीच मामले में एक नया मोड़ तब आया जब एक भाजपा नेता का एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।


इस ऑडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है और राजनीतिक गलियारों में इस पर चर्चा तेज हो गई है। ऑडियो की प्रामाणिकता और इसमें की गई बातों पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने मामले को एक नया राजनीतिक आयाम दे दिया हैअंकिता भंडारी मामला पिछले कई महीनों से वाराणसी में चर्चा में है और विभिन्न राजनीतिक दल समय-समय पर इस पर प्रतिक्रिया देते रहे हैं। आज के इस आयोजन और उसके बाद के विवाद ने एक बार फिर से इस मामले को सुर्खियों में ला दिया है। पुलिस और प्रशासन द्वारा आगे की कार्रवाई पर सभी की नज़रें टिकी हुई हैं।संवाददाता – पवन जायसवाल









