Varanasi Air Show 2026: दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगा एयर शो; जानें समय, रूट और जरूरी दिशा-निर्देश
वाराणसी:आसमान में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की गर्जना देखने के लिए तैयार हो जाइए। काशी में आगामी 22, 24 और 25 अक्टूबर 2026 को भव्य एयर शो का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देश के तमाम लड़ाकू विमान अपनी ताकत और हैरतअंगेज कलाबाजियों का प्रदर्शन करेंगे। मुख्य कार्यक्रम से पहले रिहर्सल की तारीखें और सुरक्षा के मद्देनजर कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कब और कितने बजे होगा शो?
(Timeline)प्रशासन द्वारा जारी शेड्यूल के मुताबिक, एयर शो का मुख्य कार्यक्रम दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगा और करीब 90 मिनट (डेढ़ घंटे) तक चलेगा।
रिहर्सल (अभ्यास): 19 अक्टूबर और 21 अक्टूबर 2026
मुख्य एयर शो: 22, 24 और 25 अक्टूबर 2026
दर्शकों के लिए कहां रहेगी व्यवस्था? (VVIP ज़ोन और घाट)

सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दर्शकों के लिए घाटों का निर्धारण कर दिया गया है:
पब्लिक के लिए:
आम जनता और दर्शकों के बैठने व देखने की मुख्य व्यवस्था बहादुरपुर घाट और डोमरी घाट पर की गई है।
प्रतिबंधित क्षेत्र: अनिल बाबा आश्रम और अघोर मठ के नीचे पक्की सीढ़ियों के पास का क्षेत्र आम जनता के लिए नहीं रहेगा। दरअसल, सामने नमो घाट पर मुख्य VVIPs की मौजूदगी रहेगी, जिसके चलते सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
स्थानीय लोगों और यातायात के लिए जरूरी गाइडलाइन
भीड़भाड़ और जाम से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से खास अपील की है
:वाहन प्रतिबंधित: मढ़िया, बहादुरपुर और सूजाबाद के स्थानीय निवासी अपने दोपहिया और चार पहिया वाहन सीधे घाट पर न ले जाएं।
बहुत जरूरी न हो तो सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच वाहनों का प्रयोग न करें। घाट खाली होने के बाद ही वाहन निकालें।
दुकानें और ठेले: कार्यक्रम के दिन शाम 5 बजे तक सड़क किनारे कोई भी ठेला, खोमचा या दुकानें नहीं लगेंगी।
पड़ाव चौराहा रहेगा खुला: पड़ाव चौराहे पर लगे पंडालों को 21 अक्टूबर को विसर्जन के बाद यदि संभव हो, तो रात में ही हटा लिया जाए ताकि चौराहा खुला रहे और भीड़ की आवाजाही सुगम हो सके।
प्रशासन और जनता का तालमेल
कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर ही वालंटियर (स्वयंसेवक) तैयार किए गए हैं, जो भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक व्यवस्था में पुलिस की मदद करेंगे। इसके अलावा, बाहर से आने वाले सैलानियों और दर्शकों को सही रास्ता दिखाने और घाट की तरफ भेजने में स्थानीय लोग सहयोग करेंगे।











