दोपहर की गर्मी में श्रद्धालुओं के लिए मददगार बने पंकज द्विवेदी, बच्चों और भक्तों को वितरित किया बोतलबंद पानी
दोपहर की चिलचिलाती धूप में प्यास से व्याकुल श्रद्धालुओं को पानी पिलाकर पेश की मानवता की मिसाल
श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष की पहल की श्रद्धालुओं ने की सराहना, सेवा कार्य को बताया पुनीत

विंध्याचल। मां विंध्यवासिनी धाम में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर देश के कोने-कोने से पहुंच रहे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच सेवा और मानवता की एक सराहनीय तस्वीर सामने आई। दोपहर की चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच मंदिर में दर्शन के लिए कतारबद्ध श्रद्धालुओं, विशेषकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को प्यास से व्याकुल देखकर श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने उनकी मदद के लिए आगे बढ़कर बोतलबंद पानी वितरित किया।
दरअसल, दोपहर की आरती के दौरान मां विंध्यवासिनी मंदिर के कपाट बंद होने पर दर्शनार्थियों को कतार में इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान तेज धूप और उमस भरी गर्मी के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लंबी कतारों में खड़े छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं गर्मी से बेहाल हो जाते हैं। प्यास के कारण बच्चों का गला सूखने लगता है और उन्हें पानी की आवश्यकता महसूस होती है।
ऐसे में पंकज द्विवेदी ने श्रद्धालुओं की परेशानी को महसूस करते हुए तत्काल बोतलबंद पानी वितरित करना शुरू कर दिया। उन्होंने कतार में खड़े बच्चों के साथ अन्य श्रद्धालुओं को भी पानी उपलब्ध कराया, जिससे उन्हें गर्मी के बीच कुछ राहत मिल सकी। उनकी इस पहल से प्यास से परेशान श्रद्धालुओं के चेहरों पर राहत दिखाई दी।
सेवा भाव ने जीता श्रद्धालुओं का दिल
नवरात्र जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में जहां श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए घंटों इंतजार करते हैं, वहीं इस तरह की छोटी-छोटी मानवीय पहल उनके लिए बड़ी राहत साबित होती हैं। पंकज द्विवेदी द्वारा किए गए इस सेवा कार्य की लोगों ने खूब सराहना की। श्रद्धालुओं ने इसे मानवता, संवेदनशीलता और सेवा भावना से जुड़ा पुनीत कार्य बताया।
मां विंध्यवासिनी के दरबार में आने वाले भक्तों की सेवा को मां की सेवा के समान मानते हुए इस पहल ने यह संदेश दिया कि सच्ची धार्मिक आस्था केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता और दूसरों की पीड़ा को समझने में भी निहित है।
भीषण गर्मी के बीच प्यासे श्रद्धालुओं को पानी उपलब्ध कराकर पंकज द्विवेदी ने सेवा और समर्पण की भावना का परिचय दिया। उनकी इस पहल ने नवरात्र मेले में श्रद्धालुओं की सेवा के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया।













