विशेष समाचार / मिर्जापुर
मिर्जापुर जिले के स्वास्थ्य विभाग में शासन के सख्त निर्देशों को ताक पर रखकर नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। शासन द्वारा जारी स्पष्ट आदेशों के बावजूद विभाग में लंबे समय से एक ही पद पर अधिकारियों की तैनाती बनी हुई है। ताजा मामला स्वास्थ्य विभाग में पिछले दो वर्षों से अधिक समय से एक ही नोडल पद पर जमे अधिकारी से जुड़ा है, जिन पर विभागीय प्रक्रिया के तहत अब तक पटल परिवर्तन या कार्रवाई नहीं की गई है।
शासनादेश की अनदेखी पर उठ रहे सवाल
शासन की ओर से पारदर्शी कार्यप्रणाली और प्रशासनिक सुचिता बनाए रखने के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों के समय-समय पर पटल परिवर्तन (तबादले) के कड़े निर्देश दिए जाते हैं। नियम यह है कि किसी भी महत्वपूर्ण नोडल पद पर एक निश्चित अवधि से अधिक समय तक किसी अधिकारी को तैनात न रखा जाए। इसके बावजूद मिर्जापुर स्वास्थ्य विभाग में एक ही अधिकारी पिछले दो सालों से नोडल अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
इस स्थिति को लेकर स्वास्थ्य महकमे और आम जनता के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं:
- क्या नोडल अधिकारी को विभागीय स्तर पर विशेष संरक्षण प्राप्त है?
- क्या प्रशासनिक सुस्त रवैये के कारण स्थानांतरण व पटल परिवर्तन के आदेशों का पालन नहीं हो पा रहा है?
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) का आधिकारिक पक्ष
“शासन के सभी दिशा-निर्देशों और नियमों का विभाग में पूरी निष्ठा से पालन किया जाता है। पटल परिवर्तन और नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी की समीक्षा समय-समय पर की जाती है। यदि किसी पद या नोडल प्रभार में नियमानुसार पटल परिवर्तन का समय हो चुका है, तो मामले की जांच कराकर आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सुचारू संचालन हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है।” — मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), मिर्जापुर
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
अधिकारियों के लंबे समय तक एक ही पद पर बने रहने से विभागीय ताजगी और निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच और शासन के नियमों के अनुरूप शीघ्र पटल परिवर्तन किए जाने की मांग की है।











