भवानीपुर में सियासी संग्राम: काउंटिंग सेंटर पर आमने-सामने आए ममता और शुभेंदु, जानें क्या है पूरा विवाद
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल सीट भवानीपुर में मतगणना के दौरान उस वक्त भारी तनाव फैल गया, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी अचानक आमने-सामने आ गए। 12वें चरण की काउंटिंग के दौरान हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे ने चुनावी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है।
आखिर क्यों रुकी रही डेढ़ घंटे तक गिनती?
भवानीपुर सीट पर वोटों की गिनती के दौरान करीब 90 मिनट तक सन्नाटा पसरा रहा। चुनाव आयोग (ECI) की वेबसाइट पर डेटा अपडेट न होने के कारण विवाद की स्थिति बनी। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर भाजपा और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाया।
ममता बनर्जी का आरोप था कि उनके पक्ष में पड़े वोटों के साथ हेराफेरी की जा रही है। इसी के चलते वह खुद सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित मतगणना केंद्र पहुँच गईं। उनके पीछे-पीछे भाजपा के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी भी वहां पहुंच गए, जिससे केंद्र पर सुरक्षा और राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई।
क्या है चुनाव आयोग का पक्ष?
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने स्थिति साफ करते हुए बताया कि मतगणना में रुकावट किसी धांधली की वजह से नहीं, बल्कि एक सुरक्षा चूक के कारण आई थी।
- मोबाइल फोन विवाद: आयोग के अनुसार, एक व्यक्ति मोबाइल फोन लेकर काउंटिंग हॉल में घुस गया था।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल: नियम के तहत डिवाइस को तुरंत जब्त किया गया और जांच के बाद गिनती दोबारा शुरू की गई।
टीएमसी ने लगाए गंभीर आरोप
तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार गौतम देब ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि:
“यह एक फिक्स्ड मैच की तरह लग रहा है। हमें ऐसे पोस्टल बॉक्स मिले जो खुले हुए थे और उन पर कोई आधिकारिक सील नहीं थी। हमने इस संबंध में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।”
वर्तमान स्थिति (13वें राउंड तक)
विवादों और हंगामे के बीच जब गिनती दोबारा शुरू हुई, तो 13वें राउंड के आंकड़ों के अनुसार:
- ममता बनर्जी अपनी बढ़त बनाए हुए हैं।
- वह फिलहाल 5,349 वोटों से आगे चल रही हैं।
निष्कर्ष: भवानीपुर की इस जंग ने एक बार फिर बंगाल की राजनीति में कड़वाहट और खींचतान को उजागर कर दिया है। अब देखना यह होगा कि अंतिम नतीजों के बाद आरोपों का यह दौर किस करवट बैठता है।
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