नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रेखा गुप्ता ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए दिल्ली का बजट पेश किया। लगभग 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये का यह बजट इस बार ‘ग्रीन विजन’ पर आधारित है। बजट भाषण की शुरुआत सुबह 11 बजे हुई, जिसमें शहर की बुनियादी सुविधाओं और पर्यावरण को लेकर कई बड़े ऐलान किए गए।
बजट की मुख्य बातें और बड़े ऐलान
- प्रदूषण पर प्रहार: इस बार के बजट को ‘ग्रीन बजट’ का नाम दिया गया है। सरकार का सबसे ज्यादा जोर दिल्ली की जहरीली हवा को साफ करने और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने पर है।
- बजट का आकार: दिल्ली सरकार ने इस बार विकास कार्यों के लिए 1.10 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
- समावेशी विकास: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बजट में समाज के हर वर्ग, विशेषकर किसानों, छात्रों और स्वास्थ्य क्षेत्र का ध्यान रखा गया है।
चर्चा में रही ‘खीर सेरेमनी’
बजट पेश करने से पहले सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर एक अनोखी ‘खीर सेरेमनी’ आयोजित की गई। पारंपरिक हलवा सेरेमनी की तर्ज पर सीएम रेखा गुप्ता ने प्रभु श्री राम, माता सीता और मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाया।
खास बात: इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों जैसे डॉक्टरों, किन्नर समुदाय, किसानों और स्कूली छात्राओं को भी शामिल किया गया, जो सरकार की समावेशी नीति को दर्शाता है।
विपक्ष का विरोध और सियासी हलचल
एक तरफ जहां सरकार बजट के जरिए विकास का रोडमैप पेश कर रही है, वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन की खबरें भी सामने आ रही हैं। विधानसभा के बाहर और भीतर सियासी सरगर्मी तेज बनी हुई है।
मुख्यमंत्री के रूप में रेखा गुप्ता का यह दूसरा बजट है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “दिल्ली की समृद्धि का मतलब केवल संसाधनों का बढ़ना नहीं, बल्कि अवसरों का अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है।”










