​वाराणसी: पार्किंग विवाद में आपा खो बैठे यूपी पुलिस के सिपाही, युवक को ‘लेटा के मारने’ की दी धमकी, वीडियो वायरल

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वाराणसी।

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से पुलिसकर्मी की दबंगई का एक मामला सामने आया है, जहां पार्किंग के मामूली विवाद को लेकर एक सिपाही और आम नागरिक के बीच तीखी बहस हो गई। बहस के दौरान खाकी वर्दी में तैनात सिपाही का आपा खोने और वीडियो बना रहे युवक को खुलेआम “लेटा के मारने” की धमकी देने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

क्या है पूरा मामला?​

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना वाराणसी के एक इलाके की है। वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मी की पहचान राजीव कुमार मिश्रा के रूप में हुई है। विवाद की शुरुआत एक बिल्डिंग/इमारत के बाहर गाड़ियां (स्कूटर और बाइक) खड़ी करने को लेकर हुई।​वीडियो बना रहा युवक आरोप लगा रहा है कि सिपाही राजीव कुमार मिश्रा ने बात करने के बजाय सीधे गाली-गलौज शुरू कर दी।

युवक का कहना है:

​”आप सरकारी कर्मचारी हैं, इस सरकारी मकान के मालिक नहीं हैं। अगर गाड़ी गलत खड़ी थी तो आप बोल सकते थे, लेकिन आपने सीधे गाली से बात शुरू की।”

‘मारेंगे भी और लेटा के मारेंगे

‘​वायरल फुटेज में सिपाही राजीव कुमार मिश्रा कैमरे के सामने बेहद आक्रामक अंदाज में अंगुली दिखाकर बहस करते नजर आ रहे हैं। सिपाही को यह कहते हुए साफ सुना जा सकता है:​”गाली खाएगा, मारपीट भी खाएगा… नहीं तो लेटा के मारूँगा!”

इसके बाद युवक कहता है कि सिपाही ऑन-कैमरा स्वीकार कर रहे हैं कि वे गाली देंगे और मारपीट करेंगे। पूरे वीडियो के दौरान दोनों पक्षों के बीच तू-तू, मैं-मैं और आरोपों का दौर चलता रहता है।

​सोशल मीडिया पर उठी कार्रवाई की मांग

​यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में काफी आक्रोश है। आम नागरिकों का कहना है कि पुलिस का काम जनता की सुरक्षा और सहायता करना है, न कि इस तरह सरेआम गुंडागर्दी और मार-पिटाई की धमकी देना।​वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने वाराणसी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर आरोपी सिपाही राजीव कुमार मिश्रा के खिलाफ सख्त अनुशासनत्मक कार्रवाई करने की मांग की है।

​(नोट: इण्डिया समाचार 24×7 इस वायरल वीडियो के सत्यता, समय और पृष्ठभूमि की अपने स्तर पर पुष्टि नहीं करता है। यह रिपोर्ट केवल सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री और वीडियो में दिखाई दे रहे दृश्यों के आधार पर तैयार की गई है।)

फिलहाल इस वायरल वीडियो को लेकर संबंधित पुलिस अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि विवाद किन परिस्थितियों में शुरू हुआ और घटना का पूरा घटनाक्रम क्या था।IndiaSamachar24x7 दर्शकों से अपील करता है कि किसी भी वायरल वीडियो के आधार पर अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच और संबंधित पक्षों के बयान का इंतजार करें।

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