समाज के लिए मिसाल: गैंगरेप पीड़िता का मंगेतर बना उसका संबल, मंदिर में रचाई शादी, जीत ली दुनिया
फतेहपुर (उत्तर प्रदेश): जब समाज की संकीर्ण सोच रिश्तों पर हावी होने लगती है, तब कुछ लोग अपनी निस्वार्थ मोहब्बत और साहस से अंधेरे में उम्मीद की लौ जलाते हैं। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक ऐसी ही दिल को छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है, जहाँ एक युवक ने न केवल अपनी मंगेतर को उसके सबसे बुरे दौर में संभाला, बल्कि उसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर स्त्री सम्मान की नई परिभाषा गढ़ी।
क्रूरता पर भारी पड़ा अटूट विश्वास
मामला खागा कोतवाली क्षेत्र का है, जहाँ बीते 24 अप्रैल को एक युवती के साथ तीन दरिंदों ने सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दिया था। पीड़िता उस वक्त अपनी बुआ के घर जा रही थी। इस घटना ने जहाँ पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था, वहीं पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया।
अक्सर ऐसी घटनाओं के बाद समाज और परिवार का व्यवहार पीड़ित महिला के प्रति बदल जाता है, लेकिन इस मामले में पीड़िता के मंगेतर ने जो किया, उसने सबका दिल जीत लिया।
भगवान शिव को साक्षी मानकर थामा हाथ
गैंगरेप की उस खौफनाक घटना के बाद युवक अपनी मंगेतर के साथ चट्टान की तरह खड़ा रहा। उसने यह साबित कर दिया कि रिश्ते केवल अच्छे समय के लिए नहीं होते। शहर के ऐतिहासिक सिद्धपीठ तांबेश्वर मंदिर में दोनों ने भगवान शिव को साक्षी मानकर एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और सात फेरे लेकर वैवाहिक बंधन में बंध गए।
“रिश्ते खून के नहीं, एहसास और सम्मान के होते हैं।” इस शादी ने इस कहावत को चरितार्थ कर दिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई ‘सच्ची मोहब्बत’
मंदिर में सादगी से हुई इस शादी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग युवक के साहस और उसकी सोच की जमकर सराहना कर रहे हैं। नवदम्पति ने कैमरे के सामने ज्यादा बात नहीं की, लेकिन उनकी आंखों में एक-दूसरे के प्रति भरोसा साफ नजर आ रहा था।
परिजनों का संदेश: ‘बीते कल को भूलकर शुरू करेंगे नई जिंदगी’
शादी से दोनों परिवार बेहद खुश हैं। परिजनों का कहना है कि वे उस कड़वे अतीत को पीछे छोड़कर आगे बढ़ना चाहते हैं। उनका मानना है कि उनका बेटा और बहू एक साथ खुश हैं, और यही सबसे बड़ी बात है।










