​माइक थामने से कोई पत्रकार नहीं बनता: यूट्यूब पर चैनल का नाम ‘News’ रख लेने से या गले में फर्जी ‘Press’ कार्ड लटका लेने से कोई पत्रकार नहीं हो जाता। पत्रकारिता के लिए पंजीकरण (Registration) और संस्थान की मान्यता अनिवार्य है।

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​❌ बिना डिग्री, बिना रजिस्ट्रेशन—सिर्फ पैसा कमाने का लालच!

12वीं फेल ‘पत्रकारों’ की फौज: समाज के लिए नया खतरा!

​🚨 चेतावनी: गली-छाप ‘डिजिटल लुटेरों’ और फर्जी पत्रकारों से सावधान!

आजकल सड़क पर माइक लेकर घूमने वाला हर दूसरा शख्स खुद को ‘चौथा स्तंभ’ समझ रहा है। फेसबुकिया और यूट्यूबर्स की यह जमात समाज के लिए कैंसर बनती जा रही है।

इन ‘कथित’ पत्रकारों का असली चेहरा पहचानें:

​अनपढ़ों की फौज: जिनकी खुद की 12वीं की डिग्री का ठिकाना नहीं, वो आज प्रशासन और समाज को नैतिकता का पाठ पढ़ा रहे हैं। सिर्फ ‘व्यूज’ और ‘पैसा’ कमाने की हवस ने इन्हें अंधा कर दिया है।

​माइक थामने से कोई पत्रकार नहीं बनता:

यूट्यूब पर चैनल का नाम ‘News’ रख लेने से या गले में फर्जी ‘Press’ कार्ड लटका लेने से कोई पत्रकार नहीं हो जाता। पत्रकारिता के लिए पंजीकरण (Registration) और संस्थान की मान्यता अनिवार्य है।​

ब्लैकमेलिंग का अड्डा: ये लोग पत्रकारिता नहीं, बल्कि उगाही और ब्लैकमेलिंग का धंधा चला रहे हैं। बिना किसी तथ्य (Facts) के किसी की भी इज्जत उछालना इनका पेशा बन चुका है।

जनता को खुली चेतावनी:

इन जैसे फर्जी पत्रकारों की आईडी (ID) और उनके संस्थान की प्राथमिकता की जांच तुरंत करें। अगर इनके पास वैध कागजात नहीं हैं, तो इन्हें मुँह न लगाएँ। याद रखें, एक अनपढ़ और लालची यूट्यूबर कभी समाज का भला नहीं कर सकता।

आजकल गली-कूचों में माइक और मोबाइल थामे फर्जी पत्रकारों की जो बाढ़ आई है

वह समाज के लिए किसी ज़हर से कम नहीं है। ये ‘फेसबुकिया’ और ‘यूट्यूबर’ लुटेरे, नाम और पैसा कमाने की हवस में खुद को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बता रहे हैं, जबकि हकीकत में इनकी 12वीं की डिग्री का भी ठिकाना नहीं है।

न ‘कथित’ पत्रकारों की दुकान बंद करने का समय आ गया है:​

बिना रजिस्ट्रेशन की ‘फर्जी आईडी’: यूट्यूब पर ‘News’ या ‘समाचार’ लिख लेने से कोई पत्रकार नहीं बन जाता। बिना PRGI (प्रेस रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया) और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पंजीकरण के, इनकी आईडी महज़ रद्दी का टुकड़ा है।

​ब्लैकमेलिंग का नया अड्डा: ये लोग पत्रकारिता नहीं, बल्कि डिस्कशन के नाम पर डिफेमेशन (मानहानि) और उगाही का धंधा चला रहे हैं। अपनी अज्ञानता और लालच को ये ‘समझदारी’ का चोला पहनाकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।​

अनपढ़ों की फौज:

जिन्हें पत्रकारिता की ‘प’ भी नहीं पता, वो आज प्रशासन को चुनौती दे रहे हैं। याद रखें, एक जाहिल और लालची यूट्यूबर कभी समाज का आइना नहीं हो सकता।

DISCLAIMER: INDIA समाचार 24X7 भारत सरकार मंत्रालय द्वारा पंजीकृत संस्थान Registration no UDM-UP-19-0006854

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