रंगभरी एकादशी पर भव्य शोभायात्रा नवग्रह की लकड़ी की पालकी पर राजसी खादी पोशाक में विराजेंगे बाबा विश्वनाथ
रिपोर्ट पवन जायसवाल
वाराणसी। महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ के विवाहोत्सव के बाद अब रंगभरी एकादशी की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। इस खास मौके पर बाबा भव्य पालकी में सवार होकर निकलेंगे, जहां वे नवग्रह की लकड़ी से बनी पालकी पर राजसी खादी पोशाक पहनकर विराजमान होंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत आवास गौरा सदनिका पर इसे लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
परंपरा के अनुसार, रंगभरी एकादशी के अवसर पर माता गौरा (पार्वती) का गौना किया जाएगा। बाबा के विवाह के बाद यह आयोजन विशेष महत्व रखता है। गौरा सदनिका के आंगन में हल्दी की सुगंध, मंगल गीतों की गूंज और श्रृंगार की चहल-पहल ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया है।आयोजक वाचस्पति तिवारी ने बताया कि 24 फरवरी (मंगलवार) से चार दिवसीय लोकाचार की शुरुआत माता गौरा के तेल-हल्दी के अनुष्ठान के साथ होगी। इसमें गौनहरियों की टोली पारंपरिक गीतों से इस अनुष्ठान को और जीवंत बनाएगी।इस दौरान निकलने वाली भव्य शोभायात्रा के लिए नवग्रह की लकड़ी से बनी पालकी के पट्टम का रंग-रोगन और पुरानी पालकी की साफ-सफाई एवं मरम्मत का काम जारी है। इसी पालकी में महादेव और माता गौरा सपरिवार विराजमान होंगे। शोभायात्रा में बाबा के साथ माता पार्वती और भगवान गणेश भी पालकी पर विराजमान रहेंगे।खास होगी बाबा की पोशाकगौने के दिन बाबा विश्वनाथ की चल प्रतिमा को परंपरागत खादी से विशेष रूप से तैयार कराई गई राजसी पोशाक पहनाई जाएगी। यह पोशाक काशी की पारंपरिक बुनावट और सादगी का संगम होगी। वहीं, माता गौरा का श्रृंगार भी विशेष अलंकरणों और वस्त्रों से किया जाएगा। इस अनूठे आयोजन में पूरी काशी बाबा के दर्शन को उमड़ पड़ेगी।
संवाददाता – पवन जायसवाल










