पड़ाव दुष्कर्म-हत्याकांड: दरिंदे इरशाद को कोर्ट ने सूनाई फांसी की सज़ा, जघन्य अपराध पर लगा न्याय का मुहर

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वाराणसी/चंदौली

ऑपरेशन कनविक्शन की बड़ी जीत! 8 साल दुष्कर्म -हत्या करने वाले डरशाद को मृत्यु दड की बच्ची से दुष्कर्म हत्या करने वाले इर्शाद को मृत्युदंड

🚨 रामनगर दुष्कर्म और हत्याकांड:

आरोपी इरशाद को फांसी की सज़ा, कमिश्नरेट वाराणसी की प्रभावी पैरवी से ऐतिहासिक फ़ैसला

वाराणसी: कमिश्नरेट वाराणसी की “ऑपरेशन कनविक्शन” मुहिम के तहत बड़ी सफलता हासिल हुई है। दिसंबर 2024 में रामनगर क्षेत्र में एक आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के जघन्य मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो-III (वाराणसी) की अदालत ने आरोपी इरशाद पुत्र जहांगीर अली को मृत्युदंड और ₹60,000 के अर्थदंड की सज़ा सुनाई है। अदालत ने सशक्त साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की ठोस दलीलों के आधार पर मंगलवार को यह ऐतिहासिक और कठोर फैसला सुनाया।

🔍 घटना के 24 घंटे के भीतर पकड़ा गया था आरोपी

यह दिल दहला देने वाली घटना दिसंबर 2024 में रामनगर थाना क्षेत्र के सूजाबाद में हुई थी, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। आरोपी इरशाद ने बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी निर्मम हत्या कर दी थी।

* तत्काल कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन रामनगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजू सिंह ने मामले को चुनौती के रूप में लिया। वहीं, तत्कालीन मुगलसराय इंस्पेक्टर विजय बहादुर सिंह और जलीलपुर चौकी इंचार्ज अभिषेक शुक्ला पुलिस टीम के साथ सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे।

* मुठभेड़ में गिरफ्तारी:

पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में लगाई गईं। पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर ही आरोपी को मुठभेड़ में पकड़ लिया। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

✨ “ऑपरेशन कनविक्शन” बना दोषसिद्धि का आधार पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन में प्रदेश भर में चल रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत इस संवेदनशील प्रकरण की लगातार मॉनिटरिंग की गई।कमिश्नरेट पुलिस की गुणवत्ता पूर्ण विवेचना, फोरेंसिक साक्ष्यों को मजबूत तरीके से कोर्ट में प्रस्तुत करने, और लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवी ने इस मामले में दोषसिद्धि को निर्णायक बनाया।

मुकदमा विवरण:

थाना रामनगर में पंजीकृत मुकदमा संख्या 0234/2024 धारा 137(2), 65(2), 103(1), 238 BNS एवं 5M/6 पाक्सो एक्ट के तहत सुनवाई चली।अदालत ने यह माना कि प्रस्तुत साक्ष्य सीधे तौर पर अभियुक्त को अपराध से जोड़ते हैं, इसलिए उसे समाज के प्रति अत्यंत जघन्य अपराध के लिए कठोरतम दंड दिया जाना उचित है।

🙏 पुलिस और न्यायपालिका का आभार

पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में विवेचक, थानाध्यक्ष, फोरेंसिक टीम, साइबर सेल और अभियोजन पक्ष के संयुक्त प्रयासों को इस मुकदमे में दोषसिद्धि दिलाने के लिए सराहा गया है। फांसी की सज़ा सुनाए जाने के बाद रामनगर, पड़ाव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं पीड़ित परिवार ने इस फैसले को न्याय बताते हुए पुलिस और अदालत का आभार जताया है।

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