कागजों पर कंपनी और हवा में व्यापार: वाराणसी पुलिस ने पकड़ा ₹54 करोड़ का ‘पेपर ट्रांजेक्शन’ घोटाला।

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वाराणसी पुलिस का बड़ा धमाका: ₹54 करोड़ के GST घोटाले का पर्दाफाश, पंजाब से दबोचा गया इनामी मास्टरमाइंड!

रिपोर्ट पवन जायसवाल

वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस और SOG टीम ने मिलकर एक ऐसे नेटवर्क को ध्वस्त किया है जो कागजों पर फर्जी कंपनियां बनाकर सरकारी खजाने में सेंध लगा रहा था। इस कार्रवाई में ₹25,000 के इनामी मुख्य आरोपी को पंजाब से धर दबोचा गया है।

​🔒 मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी

​वाराणसी पुलिस की कैंट और SOG टीम ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर पंजाब के फतेहगढ़ साहिब से जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सा (26 वर्ष) को गिरफ्तार किया। आरोपी काफी समय से पुलिस की रडार पर था और उस पर इनाम भी घोषित था।

​💼 कैसे होता था करोड़ों का खेल? (Modus Operandi)

​यह गिरोह तकनीकी और प्रशासनिक खामियों का फायदा उठाकर धोखाधड़ी को अंजाम देता था:​

फर्जी फर्मों का जाल:

गिरोह ने कागजों पर कई फर्जी फर्में खड़ी कर रखी थीं।​

पेपर ट्रांजेक्शन:

बिना किसी वास्तविक माल (जैसे लोहा स्क्रैप) की सप्लाई के, सिर्फ फर्जी इनवॉयस और जीएसटी रिटर्न दाखिल किए जाते थे।​I

TC की चोरी:

इन फर्जी दस्तावेजों के जरिए रजिस्टर्ड कंपनियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का अवैध लाभ पहुंचाया जाता था।

​राजस्व को चपत:

अब तक की जांच में करीब ₹54 करोड़ के सरकारी राजस्व के नुकसान की पुष्टि हुई है।

​📋 बरामदगी और कानूनी कार्रवाई​ पुलिस

ने आरोपी के पास से डिजिटल सबूतों का जखीरा बरामद किया है:​लैपटॉप, टैबलेट और कई हाई-एंड मोबाइल फोन।

​फर्जी फर्म ‘A/S Works’ से जुड़े दस्तावेज।​

फर्जी पहचान पत्र और बैंकिंग उपकरण।​यह पूरी कार्रवाई मुकदमा अपराध संख्या 423/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में दर्ज की गई है।

​👮 पुलिस टीम की तत्परता​

पुलिस आयुक्त के निर्देशन में इस सफल ऑपरेशन को निरीक्षक शिवाकांत मिश्रा (थाना कैंट) और उप निरीक्षक गौरव कुमार सिंह (SOG) के नेतृत्व वाली टीम ने अंजाम दिया। वाराणसी पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत इसे एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

संवाददाता पवन जायसवाल

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