​नशे के सौदागरों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: 30 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त, बांग्लादेश तक फैला था कफ सिरप तस्करी का जाल।

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​वाराणसी पुलिस की बड़ी चोट: कफ सिरप तस्करी मामले में 30.47 करोड़ की संपत्ति कुर्क, मास्टरमाइंड के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस।

रिपोर्ट पवन जायसवाल

​वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध व्यापार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के खिलाफ वित्तीय प्रहार करते हुए प्रशासन ने ₹30.47 करोड़ की अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है।

कार्रवाई के मुख्य बिंदु:

बड़ी बरामदगी:

जांच के दौरान दो गोदामों पर छापेमारी कर 1,19,700 बोतलें बरामद की गईं, जिनकी बाजार में कीमत लगभग ₹2.63 करोड़ आंकी गई है।​

गिरफ्तारियां:

पुलिस अब तक इस अवैध धंधे में शामिल 28 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है।​

आर्थिक प्रहार:

आरोपियों के 65 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है, जिनमें करीब ₹5.7 करोड़ की राशि जमा है।

अंतरराष्ट्रीय तस्करी और ‘हवाला’ कनेक्शन

विकास सिंह व राहुल यादव:

लाखों बोतलों की खरीद-फरोख्त और हवाला नेटवर्क का संचालन।​

आकाश पाठक व शुभम जायसवाल:

सिंडिकेट के मास्टरमाइंड और कंपनियों के निदेशक।​फैज उर रहमान: फर्जी कागजात और ई-वे बिल तैयार करने का विशेषज्ञ।

भगोड़ों पर शिकंजा: ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी

कमिश्नर मोहित अग्रवाल के निर्देशानुसार, पुलिस अब इस नेटवर्क की जड़ों पर वार करने के लिए निम्नलिखित कदम उठा रही है:

​आरोपियों के करीबियों की संपत्तियों को NDPS एक्ट की धारा 68(F) के तहत जब्त करना।

​बांग्लादेश सीमा पर सक्रिय हवाला नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना।

​मुख्य अपराधियों के खिलाफ PIT NDPS एक्ट के तहत कठोरतम कार्रवाई करना।

वाराणसी से इंडिया समाचार 24×7 के लिए संवाददाता पवन जायसवाल की रिपोर्ट

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