मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय संचालकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट विकास तिवारी
मिर्जापुर।मान्यता प्राप्त निजी स्कूल एसोसिएशन, मिर्जापुर के बैनर तले जनपद के विभिन्न निजी विद्यालयों के संचालकों ने आज जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश को तीन सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। ज्ञापन का उद्देश्य निजी विद्यालयों के कुशल संचालन हेतु उत्पन्न समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही कराए जाने का अनुरोध था।एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि निजी विद्यालय वर्तमान समय में प्रशासनिक, आर्थिक व तकनीकी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं,



जिसका प्रतिकूल प्रभाव छात्रों की शिक्षा व्यवस्था और विद्यालय संचालन पर पड़ रहा है। अतः निम्नांकित प्रमुख मुद्दों पर शासन का ध्यान आकृष्ट किया गया—1. निजी विद्यालयों का विद्युत शुल्क माफ या घरेलू दर पर किए जाने की मांगनिजी विद्यालय गैर-लाभकारी संस्थाएँ होते हुए भी वाणिज्यिक (कमर्शियल) बिजली दरों पर शुल्क जमा करते हैं, जिससे विद्यालयों पर आर्थिक भार बढ़ता जा रहा है।ज्ञापन में मांग की गई कि—“निजी विद्यालयों को घरेलू दर पर बिजली उपलब्ध कराई जाए अथवा विद्युत शुल्क माफ किया जाए।”—2. सभी पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता 15 मार्च तक अनिवार्य की जाएएनसीईआरटी एवं अन्य बोर्डों की पुस्तकों के समय से उपलब्ध न होने से नया शैक्षिक सत्र प्रभावित होता है।विद्यालय संचालकों ने आग्रह किया कि—“जनपद के सभी पुस्तक विक्रेताओं को 15 मार्च तक आवश्यक पाठ्यपुस्तकों का पूर्ण स्टॉक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाएँ।”—3. नर्सरी, LKG, UKG कक्षाओं का पोर्टल पर पंजीकरण उपलब्ध कराया जाएमान्यता प्राप्त प्राथमिक/जूनियर विद्यालयों की नर्सरी से यूकेजी तक की कक्षाओं का पोर्टल पर पंजीकरण उपलब्ध न होने सेविद्यार्थियों की वास्तविक संख्या,विद्यालय रिकॉर्ड,एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं मेंकठिनाई उत्पन्न होती है।इसलिए मांग की गई कि—“इन कक्षाओं को भी पोर्टल पर जोड़ा जाए।”इस अवसर परविश्वजीत दुबे, घनश्याम ओझा, विजय दुबे, पंकज पाण्डेय, सुरेन्द्र देव पाण्डेय, काशीनाथ दुबे, दिलीप अग्रवाल, अभिनेश चंद्र ओझा, सुनील कुमार, संतोष तिवारी,राजेश्वर तिवारी,संजीव गुप्ता, इंजीनियर के.सी. मौर्या, मुरलीधर उपाध्याय, अभिषेक सिंहके साथ-साथ दर्जनों विद्यालयों के प्रबंधक उपस्थित रहे।











