​सरकारी फाइलों में फंसा सकलडीहा का सपना: मानक पूरे, फिर भी ‘नगर पंचायत’ का दर्जा नहीं!

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मानक पूरे, फिर भी अनदेखी! सकलडीहा को नगर पंचायत बनाने की कवायद अधूरी, लोगों में निराशा

Chandauli News

📰 सरकारी फाइलों में फंसा सकलडीहा का सपना: मानक पूरे, फिर भी ‘नगर पंचायत’ का दर्जा नहीं!चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले का ऐतिहासिक कस्बा सकलडीहा, जिसे नगर पंचायत का दर्जा मिलने का वर्षों से इंतज़ार है, उसकी उम्मीदें एक बार फिर टूट गई हैं। हाल ही में शासन ने प्रदेश में दो दर्जन से अधिक नए नगर पंचायतों की घोषणा की, लेकिन सकलडीहा का नाम सूची से गायब रहा। सभी जरूरी सरकारी मानक पूरे करने के बावजूद कस्बे को नज़रअंदाज़ किए जाने से स्थानीय निवासियों में गहरी निराशा है।क्यों है सकलडीहा इतना खास?सकलडीहा न सिर्फ एक बड़ा रिहायशी इलाका है, बल्कि प्रशासनिक और शैक्षणिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है। कस्बे में तहसील, ब्लॉक मुख्यालय, कोतवाली, रेलवे स्टेशन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), कृषि संभाग केंद्र, डीआईईटी संस्थान, और पशु अस्पताल जैसे कई प्रमुख सरकारी दफ्तर और संस्थान मौजूद हैं।कस्बे की आबादी 50 हज़ार से ज़्यादा है और यह अपने आस-पास के कई गांवों के लिए मुख्य बाज़ार और हब का काम करता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि नगर पंचायत बनने से यहां रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा, और सकलडीहा की तस्वीर पूरी तरह से बदल जाएगी।अधिकारी बोले: हमने अपनी रिपोर्ट भेज दीसकलडीहा को नगर पंचायत बनाने की मांग वर्षों पुरानी है। इस प्रक्रिया को लेकर लोगों में हमेशा उत्साह रहा है। इस संबंध में, सकलडीहा के एसडीएम कुंदन राज कपूर ने जानकारी दी कि शासन स्तर से जो भी सूचनाएँ मांगी गई थीं, वे सभी समय पर भेज दी गई हैं। उन्होंने कहा कि अब इस संबंध में अंतिम फैसला राज्य सरकार के स्तर पर ही होना है।फिलहाल, सकलडीहा के निवासी शासन के अगले कदम का इंतज़ार कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि उनकी यह जायज़ मांग जल्द ही पूरी होगी।

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