एनडीआरएफ ने बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाकर सेवा, समर्पण और साहस का परिचय दिया।

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वाराणसी, 3 अगस्त | गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि और खतरे के निशान को पार कर जाने के कारण वाराणसी के अनेक रिहायशी क्षेत्रों में बाढ़ का पानी भर गया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ऐसी विकट परिस्थिति में, उप महानिरीक्षक श्री मनोज कुमार शर्मा के सशक्त नेतृत्व और कुशल दिशा-निर्देशन में एनडीआरएफ की टीमें दिन-रात मानवता की सेवा में जुटी हैं, और आशा तथा विश्वास की किरण बनकर कार्य कर रही हैं।

एनडीआरएफ के जांबाज कर्मी बाढ़ में फंसे वृद्धजनों, महिलाओं, बच्चों तथा दिव्यांग व्यक्तियों को पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ सुरक्षित स्थानों तक पहुँचा रहे हैं।

आज एक बार फिर एनडीआरएफ के साहस, सतर्कता और मानवीय संवेदना की एक अद्वितीय मिसाल देखने को मिली, जब बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों — पुराना पुल चौकी, नक्खी घाट, छोटा नाला पुलिया, सारनाथ, पंचकोसी और नगवा — में लोगों ने अपने घरों की छतों पर रात भर शरण ली हुई थी। पानी घरों के अंदर तक भर गया था और लोग सहायता की प्रतीक्षा में थे।

एनडीआरएफ के कर्मियों ने बिना समय गंवाए अत्यंत दक्षता और त्वरित निर्णय क्षमता के साथ सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया।

एनडीआरएफ की यह सेवा भावना, संकट में फंसे नागरिकों के लिए एक संजीवनी साबित हो रही है।

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