कन्नौज। उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने गुरु-शिष्य के रिश्ते और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक प्राथमिक विद्यालय की छात्रा ने स्कूल में शिक्षकों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार से क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि बच्ची को ‘गंदे कपड़े’ और ‘न नहाने’ के नाम पर न केवल प्रताड़ित किया गया, बल्कि उसे स्कूल से बाहर भी निकाल दिया गया था।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, बेहटा रामपुर निवासी अजय बाथम की 6 वर्षीय बेटी निधि गांव के ही एक सरकारी स्कूल में तीसरी कक्षा की छात्रा थी। शनिवार को जब वह स्कूल गई, तो वहां मौजूद शिक्षकों ने उसकी वेशभूषा और स्वच्छता को लेकर उसे बुरी तरह फटकार लगाई। परिजनों का आरोप है कि बच्ची के साथ मारपीट की गई और उसे मानसिक रूप से टॉर्चर किया गया, जिससे वह गहरे सदमे में आ गई।
बहन ने बयां किया दर्द
मृतक बच्ची की बहन रिया भी उसी स्कूल में पढ़ती है। रिया के मुताबिक, टीचर्स ने निधि को सबके सामने बेइज्जत किया और स्कूल से घर भेज दिया। उसने बताया कि इससे पहले भी कई बार निधि को छोटी-छोटी बातों पर परेशान किया जाता था। स्कूल से रोते हुए घर पहुंची मासूम ने किसी से कुछ नहीं कहा और घर के बरामदे में मां की साड़ी का फंदा बनाकर अपनी जान दे दी।
4 शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज
इस घटना के बाद इलाके में भारी रोष है। मृतका की मां आरती की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
- आरोपियों के नाम: रोहित, मृदुला, आकांक्षा और महेंद्र सिंह।
- पुलिस कार्रवाई: पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।










