शिकारपुर (बुलंदशहर)। गांव में लंबे समय से रुके विकास कार्यों और प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज सहार गांव के ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा।
रिपोर्ट दीपक चौहान
आक्रोशित ग्रामीणों ने शिकारपुर तहसील परिसर में एकत्र होकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने एक स्वर में ‘विकास नहीं तो वोट नहीं’ का नारा बुलंद करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आगामी चुनावों में पूरा गांव मतदान का पूर्ण बहिष्कार करेगा।प्राप्त जानकारी के अनुसार, सहार गांव में लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और कोई भी विकास कार्य नहीं कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे अपनी समस्याओं को लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला। प्रशासनिक अनदेखी से तंग आकर सोमवार को गांव के प्रमुख लोग और ग्रामीण शिकारपुर तहसील पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर धरना दिया।धरने में मुख्य रूप से ऋषिपाल चौहान, योगेश राघव, अमित राघव, कालीचरण, बिनामी, चंद्रकांत शर्मा, सोनू बघेल, हरीश बघेल, योगेश बघेल और गोलू ठाकुर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) शिकारपुर को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि गांव की जर्जर सड़कों, जलभराव और अन्य मूलभूत समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।ग्रामीणों ने दोटूक कहा कि अगर समय रहते समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया, तो वे आगामी चुनावों में वोट नहीं डालेंगे। वहीं दूसरी ओर, एसडीएम शिकारपुर ने ग्रामीणों की सभी मांगों व समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और जल्द से जल्द उचित कार्रवाई कर समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।











