राशन डीलर मीना देवी निवासी त्यौर बुजुर्ग द्वारा पात्र लाभार्थियों के साथ किया जा रहा तानाशाही व्यवहार, ग्रामीणों के अनुसार राशन के नाम पर दी जा रही है अतिरिक्त सामग्री
उत्तर प्रदेश जनपद बुलंदशहर के थाना छतारी क्षेत्र अंतर्गत आने वाले गांव त्यौर बुजुर्ग असगरपुर छतारी दोराहा जनपद बुलंदशहर से इस वक्त की बड़ी खबर निकलकर के सामने आ रही है।
रिपोर्ट दीपक चौहान
बताया जा रहा है कि इस समय निवासी त्योर बुजुर्ग राशन डीलर मीना देवी तथा उनके परिवारी जनों द्वारा सभी पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारकों, तथा अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को मानसिक तथा आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है।




लोगों ने बताया कि राशन डीलर का कहना है कि अगर आप लोग 100 रूपये में हमारे द्वारा बेचे जाने वाले प्रोडक्ट नहीं खरीदोगे तो आपको राशन नहीं मिलेगा।
इस बात को सुनकर गरीब असहाय और मजदूर वर्ग के पात्र राशन कार्ड धारक लोगों का गुस्सा भड़क गया, गुस्साए लोगों ने राशन डीलर की दुकान का घेराव करते हुए कहा कि आप सभी लोगों को 100 रूपये में सर्फ और साबुन खरीदने के लिए बाध्य न करें। जिस पर राशन डीलर द्वारा जबाव दिया गया कि अगर तुम्हें राशन लेना है तो कपड़ा धोना साबुन,सर्फ आपको 100 रूपये में खरीदना ही पड़ेगा, अगर आप 100 रूपये में सामान नहीं खरीदोगे तो आपको राशन नहीं दिया जाएगा, इसी बात को लेकर पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों तथा राशन डीलर व उनके पारिवारिक जनों द्वारा आपस में कहां सुनी के बाद आपस में वाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसकी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे रिपोर्टर महेंद्र सिंह ने वहां की स्थिति को अपने कैमरे की निगरानी में कैद किया, तथा वहां मौजूद कुछ लोगों से वाद विवाद की स्थिति के बारे में पूछा तो उनके द्वारा बताया गया कि राशन डीलर द्वारा प्रत्येक महीने हमें राशन कम दिया जाता है और अब 100 रूपये में सामान ना खरीदने पर उन्हें राशन दिए जाने से मना किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ मौके पर राशन डीलर मीना देवी के स्थान पर अंकित कुमार को राशन वितरण करते हुए पाया गया, जिन्होंने पूछताछ में बताया कि हम सर्फ और साबुन को 100 रूपये में शासनादेश के अनुसार ही बेच रहे हैं। हमें सप्लाई इंस्पेक्टर शिकारपुर नरेंद्र द्वारा आदेशशीत किया गया है आगे देखना यह बाकी है कि क्या वाकई योगी, मोदी जी की सरकार में गरीबों के प्रति ऐसा शासनादेश जारी हुआ है कि पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को 100 रूपये में सर्फ और साबुन प्रत्येक महीना खरीदना अनिवार्य है अन्यथा उन्हें राशन नहीं दिया जाएगा। या यह फिर राशन डीलर द्वारा साजिश के तहत मोटी कमाई कमाने का बनाया गया प्लान है।








