कोडीन युक्त कफ सिरप माफिया का सरगना प्रशांत उपाध्याय उर्फ लड्डू फरार न्यायालय ने जारी की उद्घोषणा
वाराणसी मुख्यालय एनडीपीएस अधिनियम के एक महत्वपूर्ण मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी प्रशांत उपाध्याय उर्फ ‘लड्डू’ की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय ने बड़ी कार्रवाई की है। आरोपी की लगातार अनुपस्थिति के चलते अदालत ने उसे पेश होने का अंतिम मौका देते हुए उद्घोषणा जारी की है।जानकारी के अनुसार, आरोपी प्रशांत उपाध्याय पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं एवं एनडीपीएस अधिनियम की धारा 67, 335 के तहत गंभीर अपराध का मामला दर्ज है। प्रारंभिक जांच में आरोपी को दोषी पाया गया था, लेकिन वह न्यायिक प्रक्रिया से बचते हुए फरार चल रहा है। न्यायालय द्वारा जारी समन की तामील से बचने के लिए वह स्वयं को सुरक्षित बता रहा था।इसी कारण अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है


कि आरोपी प्रशांत उपाध्याय को उपस्थित होना होगा यह उद्घोषणा उसके विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है।दवा मंडी में किंग की अट्टालिकासूत्रों के अनुसार, प्रशांत उपाध्याय लड्डू अवैध कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार का सरगना है। दवा मंडी के कारोबारियों और स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि यह आरोपी इतना शक्तिशाली माना जाता है कि उसे कोई हाथ नहीं लगा पाता। उसे ‘कोडीन युक्त कफ सिरप किंग’ के नाम से भी जाना जाता है।बताया जा रहा है कि आरोपी की पहुंच इतनी ऊपर तक है कि वह स्वयं को कानून की पकड़ से दूर रख रहा है। हालांकि, अब न्यायालय द्वारा उद्घोषणा जारी किए जाने के बाद प्रशासनिक और पुलिस तंत्र सक्रिय हो गया है। यदि आरोपी निर्धारित तिथि पर समक्ष उपस्थित नहीं हुआ, तो उसे अपहृत घोषित करने की कार्यवाही शुरू की जा सकती है।क्या है उद्घोषणाउद्घोषणा (प्रोक्लेमेशन) एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसके तहत फरार आरोपी को अंतिम बार सार्वजनिक रूप से सूचित किया जाता है कि वह एक निर्धारित तिथि पर न्यायालय के समक्ष उपस्थित हो। ऐसा न करने पर उसकी संपत्ति कुर्क की जा सकती है और उसे अपराधी घोषित किया जा सकता है।पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की धरपकड़ के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं और उसके ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।











