कानपुर: अगर आप या आपका कोई परिचित मेडिकल की पढ़ाई (MBBS) के लिए डोनेशन या सीधे एडमिशन के चक्कर में है, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ी चेतावनी है। उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो मेडिकल कॉलेजों में सीट दिलाने के नाम पर छात्रों और उनके अभिभावकों की गाढ़ी कमाई लूट रहा था।
कल्याणपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। ट्रेनी IPS सुमेध जाधव और कल्याणपुर थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने डिजिटल सर्विलांस की मदद से पश्चिम बंगाल में छापेमारी की। यहाँ से पुलिस ने सौरव और जयंत नाम के दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है।
कैसे बुना गया ठगी का जाल?
इन जालसाजों ने एक छात्र को टारगेट किया और उसे मेडिकल कॉलेज में कन्फर्म MBBS सीट दिलाने का झांसा दिया। झांसे में आकर छात्र ने अलग-अलग किस्तों में कुल 5 लाख 75 हजार रुपये ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए।

पैसे लेने के बाद आरोपियों ने संपर्क तोड़ दिया। जब छात्र को न तो एडमिशन मिला और न ही पैसे वापस मिले, तब उसे अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य
पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है जो शिक्षा के नाम पर फर्जीवाड़ा करता है।
- रिकवरी: पुलिस अब इन आरोपियों के बैंक खातों और पुराने रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है।
- नेटवर्क: यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह के तार और किन राज्यों से जुड़े हैं और अब तक इन्होंने कितने अन्य छात्रों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है।
सावधान रहें! कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी कॉलेज में एडमिशन के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट और काउंसलिंग प्रक्रिया पर ही भरोसा करें। किसी अनजान व्यक्ति को भारी भरकम कैश या ऑनलाइन ट्रांसफर न करें।











