उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक नवविवाहिता ने अपने पति और ससुराल वालों पर गंभीर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। पनकी थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शादी की पहली रात से ही उसका जीवन नर्क बना दिया गया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पति समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विवाद की शुरुआत: पहली रात की प्रताड़ना
पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी 3 फरवरी 2025 को नारामऊ निवासी एक युवक के साथ हुई थी। आरोप है कि सुहागरात के दिन शारीरिक अस्वस्थता (मासिक धर्म) के कारण जब महिला ने संबंध बनाने से असमर्थता जताई, तो पति आगबबूला हो गया। उसने न केवल महिला के साथ मारपीट की, बल्कि जबरदस्ती करने की भी कोशिश की। पीड़िता का आरोप है कि पति ने उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई और अश्लील हरकतें कीं।
अतिरिक्त दहेज और प्लॉट की मांग
शादी के कुछ ही दिनों बाद प्रताड़ना का सिलसिला और बढ़ गया। महिला का दावा है कि:
- दहेज का दबाव: ससुराल पक्ष (पति, सास और जेठ) शादी में मिले सामान से खुश नहीं थे।
- प्लॉट की मांग: वे लगातार मायके से पति के नाम पर एक प्लॉट लिखवाने का दबाव बना रहे थे।
- गहने हड़पे: सास ने कथित तौर पर नौकरी का बहाना बनाकर बहू के सारे जेवर अपने पास रख लिए और वापस करने से इनकार कर दिया।
घर से निकाला और जान से मारने की धमकी
प्रताड़ना का दौर यहीं नहीं थमा। महिला ने बताया कि 4 जून 2025 को उसके साथ दोबारा मारपीट की गई और उसे घर से बाहर निकाल दिया गया। तब से वह अपने मायके में रह रही है। घटना के महीनों बाद, 8 मार्च 2026 को जब वह कल्याणपुर स्टेशन पर थी, तब पति ने वहां पहुंचकर उसे गाली-गलौज दी और सार्वजनिक रूप से मारपीट की। इसके अगले ही दिन दो अज्ञात लोगों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
पनकी थाना प्रभारी मनोज सिंह भदौरिया ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।
“पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। वर्तमान में दोनों पक्षों को परिवार परामर्श केंद्र भेजा गया है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया अपनी गति से जारी है।”










