रक्तदान करते राउंड टेबल के चेयरमैन MRT 366 कृष्णा सिंघानिया 🩸
रिपोर्ट विकास तिवारी
“रक्त की हर बूंद बने किसी जीवन की उम्मीद”राउंड टेबल मिर्जापुर MRT 366 चेयरमैन कृष्णा सिंघानिया की अध्यक्षता द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का प्रेरणादायक आयोजन(सहयोगी संस्था – श्री साईं परिवार सेवा संगठन, मिर्जापुर)मिर्जापुर, दिनांक 16 नवम्बर 2025 —आज मंडलीय जिला अस्पताल रक्त कोष मिर्जापुर में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का भव्य आयोजन किया। इस पुनीत कार्य में श्री साईं परिवार सेवा संगठन ने सहयोगी संस्था के रूप में उल्लेखनीय भूमिका निभाई।कुल 15 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया और उनमें से 10 रक्तवीरों ने निस्वार्थ भाव से रक्तदान कर मानवता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई। रक्त की हर बूंद किसी अनजान जीवन में नई सांसें भरने का प्रतीक बनी।कार्यक्रम में मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रामकुमार गुप्ता ने उपस्थित होकर रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया और कहा —“रक्तदान केवल एक सामाजिक कर्तव्य नहीं, बल्कि यह मानवता के प्रति सबसे बड़ा योगदान है। ऐसे कार्य समाज में नई प्रेरणा जगाते हैं।”डॉ. विनोद कन्नौजिया,माला सिंह द्वारा सभी रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें नियमित रक्तदान के लाभ बताए गए।इस प्रेरक अभियान में रक्तदान करने वालों में —राउंड टेबल के चेयरमैन कृष्णा सिंघानिया, पूर्व चेयरमैन सुमित अग्रवाल,शुभम् अग्रवाल, आशुतोष अग्रवाल, आदित्य, पंकज पाण्डेय,कुशाग्र,रजत मिश्रा,नेहा,भावना,श्रेया,अमित गुप्ताइस अवसर पर राउंड टेबल के पूर्व चेयरमैन सुमित अग्रवाल ने कहा —“रक्तदान करने वाला व्यक्ति सिर्फ एक इंसान नहीं, बल्कि किसी जीवन का रक्षक होता है। जब तक समाज का हर व्यक्ति सेवा के इस भाव से नहीं जुड़ता, तब तक सच्चे अर्थों में मानवता का उद्देश्य अधूरा रहेगा।”शिविर के समापन पर के साथ यह संकल्प लिया गया कि आगे भी ऐसे सेवाभाव से ओत-प्रोत कार्यक्रम आयोजित कर समाज में जागरूकता और एकता का संदेश फैलाया जाएगा।⸻🩸 “रक्त की हर बूंद, किसी जीवन की नई शुरुआत है।”चेयरमैन कृष्णा सिंघानिया ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया व श्री साईं परिवार सेवा संगठन के अध्यक्ष शुभम् गुप्ता का विशेष आभार जो निरंतर मानव सेवा में रक्तदान शिविर का आयोजन करते , व कराते रहते है,🕊️ सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है – यही संदेश लेकर मिर्जापुर के रक्तवीरों ने समाज में नई प्रेरणा जगाई।











