📰 उत्तर प्रदेश: वाराणसी में ‘तेजस्वी किसान मार्ट’ का भव्य शुभारंभ, ग्रामीण ब्रांडिंग को मिलेगी नई दिशा
वाराणसी (उत्तर प्रदेश): 07 नवंबर 2025 को वाराणसी के चिरईगांव ब्लॉक स्थित सिवोई गांव में “तेजस्वी किसान मार्ट” के 8वें स्टोर का भव्य उद्घाटन हुआ। समुन्नति फाउंडेशन के सहयोग से संचालित काशिका महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड ने इस स्टोर की शुरुआत की है, जो किसान संगठन, सहकारिता और ग्रामीण उत्पादों की ब्रांडिंग की दिशा में एक बड़ा कदम है।कार्यक्रम की अध्यक्षता काशिका महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड की चेयरमैन श्रीमती रेखा मौर्य ने की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान, महिला उद्यमी, अधिकारी और सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
🗣️ मुख्य अतिथियों के वक्तव्य और पहल का महत्व सहकारिता: किसानों की आर्थिक स्वतंत्रता का आधारमुख्य अतिथि श्री रामप्रकाश दुबे (निदेशक, उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव विभाग) ने सहकारिता के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “किसानों की आर्थिक स्वतंत्रता के लिए सहकारिता सबसे सशक्त माध्यम है। तेजस्वी किसान मार्ट एक उदाहरण बन चुका है, जहाँ किसान अब उत्पादक के साथ-साथ उद्यमी भी हैं। हमारी कोशिश है कि हर एफपीओ को प्रोत्साहित किया जाए ताकि किसान अपनी उपज को मूल्यवर्धन के साथ सीधे उपभोक्ता तक पहुँचा सके।”‘मंडी’ से ‘मार्केट’ तक का सफरई. प्रकाश पाण्डेय (संस्थापक, तेजस्वी किसान मार्ट एवं तेजस्वी संगठन न्यास) ने बताया कि तेजस्वी किसान मार्ट की शुरुआत किसानों को ‘मंडी’ से निकालकर ‘मार्केट’ तक पहुँचाने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने कहा, “आज यह 22 राज्यों में फैला नेटवर्क है और 5000 से अधिक एफपीओ इससे जुड़े हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर किसान अपने उत्पाद को अपने ब्रांड नाम से बेचे।”ब्रांड निर्माता बनेंगे किसानहिमांशु चतुर्वेदी (राष्ट्रीय संगठन मंत्री, तेजस्वी किसान मार्ट) ने ‘उत्पादन से उपभोग’ तक पूरी श्रृंखला को जोड़ने वाले इस मंच की सराहना की और कहा कि किसानों को अब मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर भी ध्यान देना होगा, ताकि वे केवल उत्पादक नहीं, बल्कि ब्रांड निर्माता बनें।महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया अध्यायश्रीमती रेखा मौर्य (चेयरमैन, काशिका महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड) ने बताया कि उनकी कंपनी में 500 से अधिक महिला किसान सदस्य हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि अब हर महिला अपने गांव की ‘ब्रांड एंबेसडर’ बनेगी। उनके उत्पाद— जैविक अचार, मुरब्बा, सिरका, मसाले और दालें— अब इस मार्ट के माध्यम से पूरे प्रदेश में उपलब्ध होंगे।महिला निदेशक मंडल (शकुंतला देवी, सुजाता देवी, इंदु देवी, मीरा देवी) ने सामूहिक रूप से कहा, “तेजस्वी किसान मार्ट ने हमें आत्मनिर्भर बनाया है। अब हम अपने नाम से उत्पाद बेच रही हैं।”
🎯 तेजस्वी किसान मार्ट नेटवर्क की मुख्य विशेषताएँ| विशेषता | विवरण ||—|—|| नेटवर्क विस्तार | 22 राज्यों में सक्रिय निगरानी समितियाँ || सहयोगी एफपीओ | 5000+ एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) का मजबूत नेटवर्क || मूल्य श्रृंखला | “फार्म टू फोर्क” (खेत से थाली तक) आधारित || प्रमुख उत्पाद | अचार, मुरब्बा, सिरका, शहद, जैविक मसाले, अनाज, तेल || विज़न | “स्थानीय उत्पाद – राष्ट्रीय पहचान” |🚀 युवाओं और ग्रामीण ब्रांडिंग पर जोरनिलेश दुबे (राष्ट्रीय अध्यक्ष, तेजस्वी युवा समिति) ने इसे युवाओं और किसानों को एक साथ लाने की क्रांति बताया। वहीं, सुमित बालियन (राष्ट्रीय संयोजक, तेजस्वी संगठन न्यास) ने ग्रामीण उत्पादों की गुणवत्ता और ब्रांडिंग को पहचान दिलाने के इस प्रयास की सराहना की।सीईओ, भास्कर ने कहा कि कंपनी स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और डिजिटल मार्केटिंग पर भी काम कर रही है।समापन संदेश में ई. प्रकाश पाण्डेय ने दोहराया, “किसान आत्मनिर्भर तब बनेगा जब वह अपनी उपज को अपने नाम से बेचेगा। तेजस्वी किसान मार्ट किसानों का ऐसा ही मंच है — जो भारत के खेतों से सीधे उपभोक्ताओं तक ‘शुद्धता, परिश्रम और विश्वास’ पहुँचाता है।”यह उद्घाटन समारोह वाराणसी को ‘कृषि ब्रांड हब’ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।










