फर्जी RHS और RTI मांगने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग: मिर्जापुर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल उच्चाधिकारियों से मिलेगा

मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश): मिर्जापुर स्वास्थ्य विभाग में आए दिन लगाई जा रही फर्जी आरएचएस (RHS) और आरटीआई (RTI) याचिकाओं से तंग आकर विभाग के कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल आज उच्चाधिकारियों से मुलाकात करने जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि कुछ असामाजिक एवं फर्जी तत्वों द्वारा अनावश्यक और नियम विरुद्ध आरएचएस व आरटीआई दाखिल कर विभागीय कार्यों को बाधित किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
विभागीय कार्यों में उत्पन्न हो रही है बाधा
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के अनुसार, फर्जी या अनावश्यक सूचना अधिकार और आरएचएस याचिकाओं का मुख्य उद्देश्य विभाग पर दबाव बनाना और काम की गति को धीमा करना बन गया है। कर्मचारियों का कहना है कि:
- अधिकांश याचिकाओं का उद्देश्य जनहित न होकर व्यक्तिगत हित या विभाग को परेशान करना होता है।
- दिन-रात याचिकाओं के जवाब तैयार करने में समय बीतने के कारण मरीज सेवा और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
- नियमित रूप से एक ही विषय पर घुमा-फिराकर बार-बार सूचनाएं मांगी जा रही हैं।
उच्चाधिकारियों के समक्ष रखी जाएगी मांग
कर्मचारियों का एक बड़ा गुट आज वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराएगा। प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- फर्जी आवेदकों का चिह्नितीकरण: बार-बार फर्जी या दुर्भावनापूर्ण आरएचएस/आरटीआई दाखिल करने वाले लोगों को चिह्नित किया जाए।
- कानूनी व सख्त कार्रवाई: ऐसे तत्वों पर कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि विभागीय कार्य में अनावश्यक हस्तक्षेप रोका जा सके।
- कार्यप्रणाली में स्पष्टता: आरएचएस और आरटीआई याचिकाओं की प्राथमिक जांच की व्यवस्था हो, जिससे निरर्थक आवेदनों को शुरुआती स्तर पर ही खारिज किया जा सके।
कर्मचारियों की चेतावनी
कर्मचारी संघ का कहना है कि यदि फर्जी आरटीआई कर्ताओं के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो स्वास्थ्य सेवाओं का सुचारू संचालन प्रभावित हो सकता है। आज होने वाली इस मुलाकात के बाद उच्चाधिकारियों के रुख पर पूरे विभाग की निगाहें टिकी हुई हैं।










