छतारी। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के आदेशानुसार, दिनांक 7 अगस्त 2026 को क्षेत्र के सेठ रामानंद मंगलसैन महाविद्यालय में “आनंदी मां एक जीवन बचाओ और कैंसर मुक्त भारत यात्रा” के अंतर्गत एक विशेष विचार गोष्ठी एवं जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वास्थ्य सुरक्षा का संकल्प लिया।
क्या है सर्वाइकल कैंसर और इसके कारण?
कार्यक्रम में मौजूद महाविद्यालय के विषय विशेषज्ञों और जानकारों ने छात्र-छात्राओं को इस बीमारी के प्रति सचेत करते हुए महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं:
दूसरा सबसे बड़ा कैंसर:
विशेषज्ञों ने बताया कि ‘सर्वाइकल कैंसर’ (जिसे गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर भी कहा जाता है), महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के बाद देखा जाने वाला दूसरा सबसे घातक और बड़ा कैंसर है।वायरस का संक्रमण: यह मुख्य रूप से HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) के संक्रमण के कारण फैलता है
स्वदेशी वैक्सीन ‘सर्वाबैक’ से मिलेगी नई ताकतगोष्ठी में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सर्वाइकल कैंसर को सही समय पर वैक्सीन लगवाकर पूरी तरह रोका जा सकता है।
महंगे आयात से मिली मुक्ति: पहले इस बीमारी से बचाव के लिए वैक्सीन को विदेशों से आयात (Import) करना पड़ता था, जो बेहद महंगी होने के कारण आम लोगों की पहुंच से दूर थी। यही वजह थी कि देश में टीकाकरण की रफ्तार बहुत धीमी थी।
पहली स्वदेशी वैक्सीन: वर्तमान में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित देश की पहली स्वदेशी वैक्सीन ‘सर्वाबैक’ (CERVAVAC) बाजार में आ चुकी है।
किन्हें दी जा सकती है वैक्सीन: यह किफायती स्वदेशी वैक्सीन 9 से 26 वर्ष तक की आयु के लड़के और लड़कियों, दोनों को दी जा सकती है।स्वदेशी वैक्सीन उपलब्ध होने से अब देश में टीकाकरण की रफ्तार में काफी तेजी आई है, जो भारत को कैंसर मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। महाविद्यालय प्रशासन ने युवाओं से इस जागरूकता को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की अपील की।










