मिर्जापुर: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय परिसर में भ्रष्टाचार का एक नया मामला सामने आया है। खबर के अनुसार, चंदौली जिले से स्थानांतरित होकर आई एक महिला स्वास्थ्य कर्मी (ANM) से मनचाही तैनाती (पोस्टिंग) देने के नाम पर सीएमओ कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी द्वारा 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा है।
घटना का पूरा विवरण
- स्थानांतरण और तैनाती मामला: चंदौली जनपद से स्थानांतरित होकर मिर्जापुर आई एएनएम जब अपनी नई तैनाती के सिलसिले में सीएमओ कार्यालय पहुँची, तो वहाँ तैनात एक पटल सहायक/कर्मचारी द्वारा पसंदीदा स्थान पर पोस्टिंग कराने के बदले 1 लाख रुपये की मांग की गई।
- कर्मचारी की दबंगई: पीड़िता का आरोप है कि रुपये देने में असमर्थता जताने पर कर्मचारी ने फाइल आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया और लगातार अनुचित दबाव बनाता रहा।
- मानसिक उत्पीड़न: एनएम का कहना है कि स्थानांतरण के बाद समय पर जॉइनिंग और तैनाती न मिलने के कारण उसे प्रशासनिक और मानसिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य महकमे में मचा हड़कंप
घूसखोरी की इस मांग का मामला उजागर होते ही सीएमओ कार्यालय और जिले के स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। - पूर्व के मामले: मिर्जापुर स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों के तबादले, एनओसी और तैनाती को लेकर रिश्वतखोरी के आरोप पहले भी लगते रहे हैं।
- कर्मचारियों में रोष: इस घटना के बाद अन्य स्वास्थ्य कर्मियों और संगठन के सदस्यों में भी रोष व्याप्त है।
प्रशासनिक रुख और जांच
मामला संज्ञान में आने के बाद जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्तर से शिकायत की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही जा रही है।
आगे की कार्रवाई: यदि जांच में कर्मचारी पर लगाए गए आरोप सच साबित होते हैं, तो संबंधित पटल सहायक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
Author: Vikash Tiwari
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