गांधी इंटर कॉलेज में बहाली का खेल: विभाग और प्रबंधन के बयानों में फंसा पेंच, साक्ष्य देने को कोई तैयार नहीं

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बुलंदशहर: त्योर बुजुर्ग के गांधी इंटर कॉलेज में निलंबन के बाद प्रधानाचार्य व चपरासी की बहाली पर उठे गंभीर सवाल, आदेश का साक्ष्य देने को तैयार नहीं अधिकारी!

रिपोर्ट दीपक चौहान/ पवन राघव

अनाज की कथित कालाबाजारी के आरोप में हुआ था निलंबन, अब बहाली की बात सामने आई तो आखिर किस आदेश से हुई वापसी? शिक्षा विभाग और विद्यालय प्रबंधन के जवाबों में सामने आया विरोधाभास

बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश)।बुलंदशहर के त्योर बुजुर्ग स्थित गांधी इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य तथा चपरासी बंटी सिंह से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।मिली जानकारी के अनुसार, गांधी इंटर कॉलेज में कार्यरत प्रधानाचार्य तथा चपरासी बंटी सिंह को पूर्व में अनाज की कथित कालाबाजारी के आरोपों के चलते निलंबित किया गया था। अब बताया जा रहा है कि दोनों की बहाली हो चुकी है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बहाली किस आदेश के आधार पर हुई और उसका आधिकारिक साक्ष्य कहां है?

प्रबंधक ने जिला शिक्षा अधिकारी की ओर किया इशारामामले में जब गांधी इंटर कॉलेज के प्रबंधक से बहाली से संबंधित दस्तावेज और आदेश के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो बताया गया कि इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी से बात की जाए।जब जिला शिक्षा अधिकारी से बहाली के आदेश के संबंध में जानकारी मांगी गई तो विभाग की ओर से कथित तौर पर स्पष्ट किया गया कि उनके कार्यालय से ऐसा कोई बहाली आदेश जारी नहीं हुआ है। साथ ही यह भी बताया गया कि संबंधित साक्ष्य विद्यालय में उपलब्ध कराया जाएगा।

लेकिन यहीं से पूरा मामला और अधिक सवालों के घेरे में आ गया।बहाली हुई तो आदेश कहां है?

एक तरफ बहाली होने की बात सामने आ रही है, दूसरी तरफ संबंधित अधिकारी अपने कार्यालय से बहाली आदेश जारी होने से इनकार कर रहे हैं।

वहीं विद्यालय स्तर पर भी बहाली से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है—अगर बहाली हुई है तो किस सक्षम अधिकारी ने आदेश जारी किया?

बहाली आदेश की मूल प्रति अथवा प्रमाणित प्रति कहां है?

निलंबन समाप्त करने की प्रक्रिया किस स्तर पर पूरी की गई?

क्या बहाली से पहले विभागीय जांच पूरी हुई थी?

यदि जांच पूरी हुई तो उसका निष्कर्ष क्या रहा?

और सबसे बड़ा सवाल—आखिर जिम्मेदारी किस अधिकारी की है, जो बहाली का आदेश और उसका रिकॉर्ड सामने नहीं रख पा रहा है?

प्रशासन से जांच और दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की जरूरत है।

यदि प्रधानाचार्य और चपरासी की बहाली नियमानुसार हुई है तो बहाली आदेश, निलंबन समाप्ति संबंधी आदेश तथा संबंधित विभागीय रिकॉर्ड सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।वहीं यदि बहाली बिना सक्षम आदेश अथवा निर्धारित प्रक्रिया के हुई है तो इसकी भी उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है।

गांधी इंटर कॉलेज में आखिर किसके आदेश पर बहाली हुई?

कहां है बहाली का साक्ष्य?

कौन देगा इस सवाल का जवाब?

इन सवालों का जवाब अब विद्यालय प्रबंधन ही नहीं, बल्कि संबंधित शिक्षा विभाग और प्रशासन को भी देना होगा।

इंडिया समाचार 24×7 की पड़ताल में सामने आए इन सवालों पर संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष मिलना अभी बाकी है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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