बुलंदशहर: असगरपुर गांव में विकास के दावों की खुली पोल, जलभराव से नारकीय बनी जिंदगी!
रिपोर्ट दीपक चौहान
बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश):एक तरफ सरकार गांवों के विकास और चमचमाती सड़कों का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ बुलंदशहर की ग्राम पंचायत त्यौर बुजुर्ग के असगरपुर गांव से ग्राउंड रिपोर्ट की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने ग्राम प्रधानी के दावों की हवा निकाल दी है।
गांव में सड़कों पर लबालब भरे गंदे पानी और जलभराव के कारण लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो चुका है। लेकिन जब परेशान ग्रामीण अपनी फरियाद लेकर ग्राम प्रधान के पास पहुंचे, तो प्रधान की तरफ से मिला जवाब चौंकाने वाला और गैर-जिम्मेदाराना था—”मेरे पास मत आओ, विधायक से काम करवाओ!”
जलभराव से नारकीय बनी ज़िंदगी,
प्रधान की ‘लापरवाही’ से आक्रोशगांव असगरपुर के मुख्य रास्तों पर महीनों से गंदा पानी जमा है। इस कारण न सिर्फ आने-जाने वाले लोगों और स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है, बल्कि बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है।












ग्रामीणों का आरोप है कि:
जब भी समस्या के समाधान के लिए ग्राम प्रधान से गुहार लगाई जाती है, वह अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लेते हैं।
विकास कार्यों के नाम पर पंचायत में आने वाले बजट का क्या हो रहा है, यह बड़ा सवाल है।
जनता के वोटों से चुने गए प्रतिनिधि का ऐसा रुख प्रशासनिक लापरवाही की पराकाष्ठा है।









