पहासू सीएचसी में भ्रष्टाचार का खेल: दलालों के सिंडिकेट से रची जा रही ‘फर्जी डॉक्टरी’ की साजिशें, डिलीवरी के नाम पर अवैध वसूली से ग्रामीण त्रस्त
रिपोर्ट दीपक चौहान
पहासू (बुलंदशहर):सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहासू इस समय मरीजों के इलाज के लिए कम और कथित भ्रष्टाचार व फर्जीवाड़े के अड्डों के रूप में ज्यादा चर्चा में है। स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवियों का आरोप है कि अस्पताल के कुछ स्वास्थ्य कर्मियों और बिचौलियों (दलालों) की सांठगांठ से क्षेत्र में एक बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है। यह गठजोड़ न केवल गरीबों की जेब काट रहा है, बल्कि निर्दोष युवाओं के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहा है।निर्दोषों पर फर्जी डॉक्टरी की आड़ में गंभीर धाराएं लगवाने का आरोपप्राप्त जानकारी के अनुसार, पहासू सीएचसी में कुछ डॉक्टरों और बाहरी दलालों की मिलीभगत से ‘फर्जी डॉक्टरी रिपोर्ट’ (MLC/Medical Reports) तैयार करने का काला कारोबार फल-फूल रहा है। मामूली आपसी विवादों को गंभीर अपराध का रूप देने के लिए फर्जी चोटें दिखाकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) / आईपीसी की गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज कराने का खेल खेला जा रहा है। इसका सीधा असर क्षेत्र के निर्दोष युवाओं पर पड़ रहा है, जिनका भविष्य झूठे मुकदमों के चलते दांव पर लग जाता है।जच्चा-बच्चा की जान से खिलवाड़, डिलीवरी के नाम पर 15-20 हजार की उगाईअस्पताल में सरकारी योजनाओं का लाभ गरीबों तक नहीं पहुंच पा रहा है। आरोप है कि प्रसव (डिलीवरी) के लिए आने वाली महिलाओं के परिजनों से जच्चा-बच्चा की सुरक्षा का डर दिखाकर 15,000 से 20,000 रुपये तक की अवैध उगाही की जा रही है। जो गरीब पैसे देने में असमर्थ होते हैं, उन्हें सही इलाज या रेफर करने के नाम पर परेशान किया जाता है।बड़ा सवाल:सरकारी अस्पताल में मिलने वाली मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं के बावजूद आम जनता से इतनी बड़ी रकम किसकी शह पर वसूली जा रही है? क्या जिला स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन इस पूरे सिंडिकेट से अनजान है या मौन सहमति दे रहा है?









