खूनी हादसे को दावत देता ‘डायमंड लॉन’: सड़क पर अवैध पार्किंग का कब्जा, क्या प्रशासन किसी की मौत का इंतजार कर रहा है?

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प्रशासन की नाक के नीचे ‘डायमंड लॉन’ की दबंगई: सड़क बनी पार्किंग, जनता का निकलना हुआ मुहाल!

पड़ाव/चंदौली

चंदौली (मुगलसराय): नियम और कानून शायद सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। मुगलसराय थाना अंतर्गत जलीलपुर चौकी क्षेत्र के भोजपुर स्थित ‘डायमंड लॉन’ ने अपनी मनमानी से स्थानीय निवासियों और राहगीरों का जीना दुश्वार कर दिया है। लॉन संचालक की लापरवाही और प्रशासन की चुप्पी ने मिलकर इस पूरे इलाके को ‘जाम के नरक’ में तब्दील कर दिया है।

सड़क पर कब्जा, ग्रामीणों का रास्ता बंद

तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि डायमंड लॉन के पास पार्किंग की अपनी कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। लॉन में आने वाले मेहमानों की गाड़ियां मुख्य सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़ी कर दी जाती हैं। हालत यह है कि गाड़ियों की लंबी कतारों के कारण ग्रामीणों का अपना रास्ता तक बंद हो चुका है। क्या लॉन संचालक ने सड़क को अपनी जागीर समझ लिया है?

​’नो एंट्री’ खुलते ही मंडराता है बड़ा खतर

सबसे भयावह स्थिति तब होती है जब ‘नो एंट्री’ खुलती है। भारी ट्रकों का इस संकरे, पार्किंग से घिरे रास्ते से गुजरना किसी बड़े हादसे को दावत देने जैसा है। अगर इस अफरा-तफरी के बीच कोई एंबुलेंस फंस जाए या कोई अनहोनी हो जाए, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है?

प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे गंभीर सवाल

स्थानीय प्रशासन और जलीलपुर चौकी पुलिस की कार्यशैली अब सवालों के घेरे में है।​

क्या पुलिस को सड़क पर अवैध रूप से खड़ी ये गाड़ियां दिखाई नहीं देतीं?​

क्या लॉन संचालक को बिना पार्किंग व्यवस्था के कार्यक्रम करने की खुली छूट दी गई है?

​क्या आम जनता की परेशानी से ज्यादा लॉन मालिक का मुनाफा कीमती है?

‘डायमंड लॉन’ के बाहर का यह नजारा स्थानीय प्रशासन के दावों की पोल खोल रहा है। अगर समय रहते प्रशासन ने इस ‘पार्किंग माफियागिरी’ पर लगाम नहीं लगाई और लॉन संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।

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