लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए मशहूर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उनके निशाने पर कोई और नहीं, बल्कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव हैं। राजभर ने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों का हवाला देते हुए अखिलेश यादव पर ऐसे तंज कसे हैं, जिससे सियासी गलियारों में भूचाल आ गया है।
“बंगाल के नतीजों ने उड़ा दिए अखिलेश के होश”
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजभर ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की स्थिति और नतीजों को देखकर अखिलेश यादव सदमे में चले गए थे। राजभर ने तंज कसते हुए कहा:
“जब बंगाल का रिजल्ट आया, तो अखिलेश यादव 4 घंटे तक बेहोश बैठे रहे। अब उन्हें समझ आ गया है कि उनकी सत्ता में वापसी नामुमकिन है।”
‘दगे हुए कारतूस’ और ‘झालमुड़ी’ पर तंज
राजभर ने केवल अखिलेश ही नहीं, बल्कि विपक्ष के पूरे गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने बिहार, बंगाल, महाराष्ट्र और दिल्ली की विपक्षी पार्टियों को “दगे हुए कारतूस” करार दिया।
अखिलेश यादव के कोलकाता दौरे पर चुटकी लेते हुए राजभर बोले— “अखिलेश जी बंगाल जा रहे हैं, तो दीदी (ममता बनर्जी) के हाथ की बनी थोड़ी झालमुड़ी जरूर खाकर आइएगा, वो बहुत अच्छा बनाती हैं।” उन्होंने आगे जोड़ा कि ममता और अखिलेश दोनों ही संविधान की दुहाई देते हैं लेकिन खुद उसे नहीं मानते।
PDA का नया मतलब: “सिर्फ डिंपल और अखिलेश”
अखिलेश यादव के चर्चित PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर हमला करते हुए राजभर ने कहा कि यह सिर्फ दिखावा है। उनके अनुसार:
- अखिलेश के लिए PDA का असली मतलब सिर्फ ‘पल्लवी-डिंपल-अखिलेश’ या परिवारवाद तक सीमित है।
- यूपी में अगले 20 सालों तक सपा के लिए सत्ता का कोई रास्ता नहीं है।
ज्योतिष और फंड की कमी पर भी घेरा
राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश अब ज्योतिषियों के सहारे हैं। उन्होंने कहा, “अखिलेश कह रहे हैं कि जो ज्योतिषी कहेंगे वही करेंगे। अरे भाई, ज्योतिषियों से कहिए कि उन्हें सच बताएं कि उनका भविष्य अब अंधकार में है।” साथ ही, सपा में फंड की कमी की खबरों पर उन्होंने कहा कि यह कमी अभी और बढ़ेगी क्योंकि जनता ने उन्हें नकार दिया है।
I-PAC और कोयला घोटाला
चुनावी रणनीतिकार संस्था I-PAC पर बोलते हुए राजभर ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह सब कोयला घोटाले के पैसे का खेल था, और अब चूंकि बंगाल में स्थितियां बदल रही हैं, तो इनका कॉन्ट्रैक्ट भी खत्म समझो।










