बंगाल चुनाव परिणाम 2026: ‘मैं इस्तीफा नहीं दूंगी’, हार के बाद ममता बनर्जी के बागी तेवर

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। अपनी सरकार की हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहली बार मीडिया के सामने आकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि वह अपनी हार को आसानी से स्वीकार नहीं कर रही हैं और न ही पद छोड़ने की जल्दबाजी में हैं।

‘राजभवन जाकर इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं’

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी ने दो टूक शब्दों में कहा, “मुझसे कोई जबरदस्ती इस्तीफा नहीं लिखवा सकता।” उन्होंने घोषणा की कि वह वर्तमान में इस्तीफा देने के लिए राजभवन नहीं जाएंगी। ममता का आरोप है कि उनकी यह हार लोकतांत्रिक नहीं, बल्कि एक ‘सुनियोजित साजिश’ का परिणाम है।

चुनाव आयोग और BJP पर लगाए गंभीर आरोप

TMC सुप्रीमो ने अपनी हार का ठीकरा भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग (EC) के कथित ‘गठजोड़’ पर फोड़ा है। उनके प्रमुख आरोप निम्नलिखित हैं:

  • EVM पर सवाल: उन्होंने दावा किया कि वोटिंग के बाद भी मशीनों में 80-90% चार्ज रहना संदेहास्पद है।
  • प्रशासनिक दखल: चुनाव से ठीक पहले अधिकारियों के तबादलों और TMC कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियों को उन्होंने हार की बड़ी वजह बताया।
  • भवानीपुर सीट: ममता ने अपनी खुद की सीट (भवानीपुर) पर हार को ‘मैनिपुलेटेड’ (जोड़-तोड़ वाली) करार दिया।
  • वोटर लिस्ट में गड़बड़ी: उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटाए गए ताकि जनादेश को बदला जा सके।

‘अब मैं एक आजाद पंछी हूं’: INDIA गठबंधन को करेंगी मजबूत

सत्ता से बाहर होने के बाद ममता बनर्जी ने एक नए अवतार में लड़ने की बात कही है। उन्होंने खुद को ‘आजाद पंछी’ बताते हुए कहा कि अब वह बिना किसी पद के मोह के आम जनता की सेवा करेंगी।

“पिछले 15 वर्षों में मैंने न तो पेंशन ली और न ही तनख्वाह। अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, इसलिए मैं अधिक स्वतंत्र होकर INDIA गठबंधन को मजबूत करने का काम करूंगी।”

विपक्षी नेताओं का मिला समर्थन

ममता बनर्जी ने बताया कि हार के बावजूद सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल जैसे बड़े नेताओं ने उन्हें फोन कर अपना समर्थन जताया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव जल्द ही उनसे मुलाकात करेंगे। ममता के अनुसार, आने वाले समय में विपक्ष की एकजुटता और अधिक मजबूती से सामने आएगी।


संपादकीय टिप्पणी: बंगाल चुनाव 2026 के ये नतीजे राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माने जा रहे हैं, जहां ममता बनर्जी ने हार को अंत न मानकर एक नई लड़ाई का आगाज कर दिया है।

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