डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम में सहयोग करेंगे दवा विक्रेता

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केमिस्ट संचालकों की पीएसआई इंडिया के सहयोग से बैठक

मिर्जापुर, 17 सितम्बर। शून्य से पांच साल तक के बच्चों को डायरिया से सुरक्षित बनाने को लेकर जनपद में अनूठी जनस्वास्थ्य पहल की गयी है। इसके तहत पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल-इंडिया (पीएसआई-इंडिया) और केनव्यू (KENVUE) के सहयोग से चलाये जा रहे “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम में जिले के दवा विक्रेताओं (केमिस्ट) का भी सहयोग लिया जाएगा। डायरिया के प्रति जागरूकता की अलख जगाने में केमिस्ट एसोसिएशन की भूमिका को लेकर बृहस्पतिवार को एक स्थानीय होटल में केमिस्ट संचालकों की बैठक हुई। बैठक में “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के बारे में दवा विक्रेता समिति के अध्यक्ष व सचिव सहित सभी संचालकों को विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता औषधि निरीक्षक राजेश मौर्या ने की।

श्री मौर्या ने कहा कि शून्य से पांच साल तक के बच्चों की कुल मौत का एक प्रमुख कारण डायरिया भी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस पर नियन्त्रण के लिए स्टॉप डायरिया कैम्पेन (डायरिया रोको अभियान) चलाया जाता है, जिसे “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम से और बल मिल रहा है। दवा विक्रेता समिति मिर्ज़ापुर के अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी ने कहा कि समुदाय में डायरिया के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया जाएगा और मेडिकल स्टोर पर आने वाले डायरिया प्रभावित को ओआरएस और जिंक के इस्तेमाल के फायदे बताने के साथ ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से सम्पर्क करने का परामर्श भी दिया जाएगा।

पीएसआई-इंडिया के विष्णु प्रकाश मिश्रा ने “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि डायरिया नियंत्रण की दिशा में केमिस्ट की भूमिका अहम है। दुकान पर आने वाले डायरिया से संबंधित रोगियों या उनके परिजनों को साफ सफाई, हाथ धुलने का सही तरीका, स्वच्छ जल, स्वच्छ भोजन और स्वच्छ वातावरण आदि के बारे में जानकारी देना जरूरी है। डायरिया नियंत्रण व रोकथाम के लिए यह जरूरी है।

दवा विक्रेता समिति के महामंत्री पंकज केसरी ने जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस प्रकार के आयोजन की सलाह दी और कहा कि वह इस कार्यक्रम को सफल बनाने में हर संभव सहयोग को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि डायरिया की शुरुआत में ही पहचान कर ओआरएस का घोल दिया जाए तो गंभीर स्थिति तक पहुँचने से बच्चे को बचाया जा सकता है। 24 घंटे में यदि तीन बार पतली दस्त आ रही है तो यह डायरिया के लक्षण हो सकते हैं और यह लम्बे समय तक बनी रहे तो यह गंभीर डायरिया का रूप ले सकती है। निजी क्षेत्र में अब लिक्विड के रूप में भी निर्मित ओआरएस का घोल उपलब्ध है। उन्होंने रोटा वायरस वैक्सीन के बारे में भी जानकारी दी। एफपीसी अर्चना मिश्रा ने कार्यक्रम में सहयोग किया।

दवा विक्रेता समिति मिर्ज़ापुर के सचिव संजय गुप्ता ने कहा कि डायरिया नियंत्रण व रोकथाम की दिशा में पीएसआई इण्डिया ने सराहनीय पहल की है और सभी केमिस्ट संचालकों की तरफ से विश्वास दिलाया कि कार्यक्रम में हरसम्भव सहयोग किया जाएगा। कार्यक्रम में दवा विक्रेता समिति के कोषाध्यक्ष सुशील कुमार, उपाध्यक्ष रंजीत मौर्य, संगठन मंत्री जय प्रकाश सेठ, राम किशोर त्रिपाठी जिला समन्वयक राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम आदि मौजूद रहे।

Vikash Tiwari
Author: Vikash Tiwari

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