वाराणसी (indiasamachar24x7.in)। वाराणसी के स्थानीय नागरिकों के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक ऐतिहासिक और बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
रिपोर्ट अजित शर्मा
अब बनारस के मूल निवासियों को बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए समय की पाबंदी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वाराणसी यात्रा के दौरान अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद इस नई और सुगम दर्शन व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया गया है।
अब सुबह 4:15 से रात 10:45 बजे तक विशेष व्यवस्था
नई गाइडलाइन के अनुसार, वाराणसी के स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए अब सुबह 04:15 बजे से लेकर रात्रि 10:45 बजे तक विशेष दर्शन व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। इसके तहत स्थानीय नागरिकों को मंदिर में प्रवेश करने के लिए एक अलग लाइन (कतार) की सुविधा दी जाएगी, ताकि वे बिना किसी परेशानी के और कम समय में बाबा के दर्शन कर सकें।
पहले सिर्फ 2 घंटे मिलती थी यह सुविधा
आपको बता दें कि इससे पहले तक काशीवासियों के लिए विशेष दर्शन की यह व्यवस्था केवल दो निर्धारित घंटों के लिए ही उपलब्ध थी। स्थानीय लोग सुबह 4:00 से 5:00 बजे और शाम को 4:00 से 5:00 बजे तक ही अलग कतार के माध्यम से दर्शन कर पाते थे। समय सीमा बेहद कम होने के कारण भारी भीड़ के चलते स्थानीय श्रद्धालुओं को काफी असुविधा होती थी, जिसे देखते हुए सीएम योगी ने इस दायरे को पूरे दिन के लिए बढ़ाने का निर्देश दिया।
गेट नंबर 4B बना ‘काशी द्वार’
इस नई व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए मंदिर प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है:मंदिर परिसर के गेट नंबर 4B को अब पूरी तरह से स्थानीय नागरिकों के लिए आरक्षित कर दिया गया है।इस विशेष प्रवेश मार्ग को अब “काशी द्वार” नाम दिया गया है।बनारस के निवासी इसी ‘काशी द्वार’ से अपने पहचान पत्र का सत्यापन कराकर सीधे विशेष कतार के जरिए गर्भगृह की ओर जा सकेंगे।
लोकल आईडी (Local ID) दिखाना होगा अनिवार्य नोट:
मंदिर प्रशासन ने साफ किया है कि इस विशेष वीआईपी सुविधा का लाभ केवल वाराणसी के स्थानीय निवासियों को ही मिलेगा। इसके लिए प्रवेश के समय वाराणसी के पते वाला कोई भी वैध सरकारी पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी) दिखाना अनिवार्य होगा। आईडी वेरिफिकेशन के बाद ही ‘काशी द्वार’ से एंट्री दी जाएगी।
काशीवासियों में खुशी की लहर सरकार के इस फैसले का काशी की जनता ने जोरदार स्वागत किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब समय की बंदिश खत्म होने से वे अपनी सुविधा के अनुसार दिनभर में कभी भी बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगा सकेंगे। वहीं, मंदिर प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से जहां स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, वहीं देश-विदेश से आने वाले सामान्य श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था भी अधिक सुचारू और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो सकेगी।ऐसी ही और भी ताजातरीन और विश्वसनीय खबरों के लिए पढ़ते रहिए India Samachar 24×7










