वाराणसी। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी से एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हो रहा है, जिसने पूरी पत्रकारिता जगत को झकझोर कर रख दिया है। लहुराबीर चौराहे पर गले में आईडी कार्ड लटकाए एक तथाकथित पत्रकार सरेआम पुलिसकर्मियों से उलझता, रौब झाड़ता और हंगामा खड़ा करता नजर आया। इस घटना के बाद अब सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक एक ही बहस छिड़ गई है— क्या गले में एक फर्जी रिबन और हाथ में कैमरा ले लेने से कोई पत्रकार बन जाता है?
चौराहे पर सरेआम तमाशा, पुलिस को दी चुनौती
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लहुराबीर जैसे व्यस्त इलाके में इस तथाकथित पत्रकार ने किसी बात को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। जब पुलिसकर्मियों ने उसे समझाने और शांत कराने की कोशिश की, तो वह उलटा पुलिस पर ही भड़क गया और तीखी बहस करने लगा। काफी देर तक सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। हालांकि, बाद में पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए युवक से जरूरी पूछताछ की और उसे सख्त हिदायत व चेतावनी देकर छोड़ दिया।
फर्जी पत्रकारों की बाढ़ से ‘असली पत्रकार’ परेशान
इस घटना ने वाराणसी सहित पूरे प्रदेश में कुकुरमुत्ते की तरह उग आए कथित और फर्जी पत्रकारों की बाढ़ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छवि हो रही धूमिल: सालों से अपनी जान जोखिम में डालकर, ईमानदारी और निष्पक्षता से समाज की आवाज उठाने वाले वरिष्ठ और असली पत्रकारों का कहना है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार और अनपढ़ तत्वों की वजह से पूरी बिरादरी बदनाम हो रही है।
रौब झाड़ने का जरिया: आज के समय में कुछ लोग सिर्फ पुलिस-प्रशासन पर धौंस जमाने, अवैध वसूली करने या टोल टैक्स बचाने के लिए गले में ‘प्रेस’ का कार्ड लटका लेते हैं, जिनका पत्रकारिता के ‘प’ से भी कोई लेना-देना नहीं होता।
जांच की उठ रही मांग: स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और वरिष्ठ पत्रकारों ने मांग की है कि सड़कों पर पीली-नीली पट्टी और कैमरा लेकर घूमने वाले ऐसे संदिग्ध लोगों के संस्थानों की वैधता, आरएनआई (RNI) रजिस्ट्रेशन और उनकी पहचान की कड़ी जांच होनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर फूटा जनता का गुस्साइस पूरे ड्रामे का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रहा है। लोग वीडियो पर अपनी कड़ी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और ऐसे ‘फर्जी पत्रकारों’ के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा और साख बची रहे।
संपादकीय टिप्पणी: पत्रकारिता की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं!
”India Samachar 24×7 (indiasamachar24x7.in) एक जिम्मेदार और कानून सम्मत न्यूज़ नेटवर्क है। हमारा यह डिजिटल न्यूज़ संस्थान भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा जारी IT Rules 2021 के तहत पूरी तरह से पंजीकृत एवं वैधानिक है, जिसकी संपूर्ण आधिकारिक जानकारी विभाग को प्रेषित कर पावती (Acknowledgment) प्राप्त की जा चुकी है।
हम वाराणसी के लहुराबीर चौराहे पर हुई इस घटना की पुरजोर निंदा करते हैं। कुछ अराजक और गैर-जिम्मेदार तत्व सिर्फ गले में फर्जी प्रेस कार्ड लटकाकर या हाथ में कैमरा लेकर पुलिस-प्रशासन पर धौंस जमाने और सरेआम हंगामा करने का जो काम कर रहे हैं, वह बेहद चिंताजनक है। ऐसे चंद कथित लोगों की वजह से सालों से जमीन पर रहकर ईमानदारी, निष्पक्षता और राष्ट्रहित में काम कर रहे असली पत्रकारों की छवि धूमिल होती है।India Samachar 24×7 स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन से यह मांग करता है कि सड़कों पर ‘प्रेस’ के नाम का दुरुपयोग करने वाले, अवैध रूप से धौंस जमाने वाले और बिना किसी वैध पंजीकरण के न्यूज़ पोर्टल चलाने वाले संदिग्ध तत्वों की गहनता से जांच की जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो, ताकि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की साख और गरिमा अक्षुण्ण बनी रहे।”— शुभम मौर्य (संपादक/संस्थापक, India Samachar 24×7)










