उत्तर प्रदेश विधान परिषद सचिवालय के तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय विचार संगोष्ठी का सभापति विधान परिषद ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का किया शुभारंभ

मीरजापुर 24 अक्टूबर 2026- नैनागढ़ पैलेस में सांविधानिक एवं संसदीय अध्ययन संस्थान क्षेत्रीय शाखा उत्तर प्रदेश विधान परिषद सचिवालय के तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय विचार संगोष्ठी में संस्थान के अध्यक्ष माननीय सभापति विधान परिषद कुंवर मानवेंद्र सिंह, संस्थान के अवैतनिक सचिव डॉ राजेश सिंह उपस्थित रहे।
(यू0सी0सी0) समान नागरिक संहिता का महत्व एवं उसका सामाजिक प्रभाव विषय पर विद्वानों के विचार एवं सुझाव आए! सभापति विधान परिषद नें मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प चढ़ा कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, अपने वक्तव्य में उन्होंने समान नागरिक संहिता का महत्व और उसका सामाजिक प्रभाव विस्तार से बताते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता का अर्थ किसी भी धार्मिक आस्था पर प्रहार नहीं बल्कि यह सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता की आधारशिला है। इस आवश्यक कानून की आवश्यकता पर बल दिया, गोष्ठी में वक्ताओं द्वारा अपने विचार व्यक्त किए तथा एक देश एक कानून पर सदस्य एक मत रहे। डॉ राजेश सिंह ने अपने सम्बोधन में समान नागरिक संहिता के ऐतिहासिक, कानूनी और सामाजिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने शाहबानो जैसे कैसे का उदाहरण भी दिया और इस कानून को अति शीघ्र लागू करने की अपील भी की।
इस अवसर पर सी0पी0 राय, प्रमोद मिश्रा, प्रो. बृजेश चंद्रा, सुरेन्द्र यादव, डॉ बीना पाण्डेय, शशि, एडवोकेट विश्राम यादव, निराला, डॉ अरुण यादव, डॉ कुसुम मानसी द्विवेदी, मंजू यादव, नूतन सिंह आदि ने मंच से अपने विचार व्यक्त किये।








