हाथों में लहराता तिरंगा, बुलंद होते गगनभेदी नारे और कांग्रेस के खिलाफ तीखा विरोध—शिवपुर की गलियां और मुख्य मार्ग कार्यकर्ताओं के आक्रोश से गूंज उठे।
रिपोर्ट अजित शर्मा
राष्ट्रीय स्वाभिमान और आस्था के प्रतीक ‘वंदे मातरम’ के कथित अपमान को लेकर धर्मनगरी काशी के शिवपुर क्षेत्र में जबरदस्त राजनीतिक और सामाजिक भूचाल आ गया है। मंगलवार को विश्व हिन्दू कल्याण परिषद के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर कांग्रेस के खिलाफ भीषण हुंकार भरी और जोरदार प्रदर्शन करते हुए आक्रोश यात्रा निकाली।


💥 ‘राष्ट्रीय सम्मान से समझौता नहीं, मांगनी होगी सार्वजनिक माफी’
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे विश्व हिन्दू कल्याण परिषद के पदाधिकारियों ने सीधा और कड़ा हमला बोलते हुए कहा:”वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता की भक्ति और करोड़ों देशवासियों की अस्मिता का प्रतीक है। इसका अपमान देश की आत्मा पर चोट है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मांग रखी कि इस पूरे कृत्य पर कांग्रेस नेतृत्व बिना शर्त देशवासियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।










🚨 सड़कों पर तनातनी, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
आक्रोश यात्रा के दौरान पैदा हुए तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर आ गया।
सुरक्षा व्यवस्था: किसी भी अनहोनी या अप्रिय घटना से निपटने के लिए भारी पुलिस बल शिवपुर के संवेदनशील इलाकों में मुस्तैद रहा।
स्थिति: प्रदर्शनकारियों के प्रचंड तेवरों के बीच पुलिस की सतर्कता के कारण माहौल नियंत्रण में और शांतिपूर्ण बना रहा।
न्यूज़ डेस्क की नज़र: काशी में राष्ट्रगीत को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शिवपुर में उठी आक्रोश की यह चिंगारी आने वाले दिनों में और बड़े राजनीतिक घमासान का रूप ले सकती है।










